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फिल्म ‘आंख मिचौली’ विवादों में, दिव्यांग लोगों को अपमानित करने का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए दिशानिर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म आंख मिचौली पर दिव्यांग लोगों का मजाक बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर दिशानिर्देश जारी किया है. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिका को खारिज कर दिया था.

aankh micholi film

आंख मिचोली का पोस्टर

Film Aankh Micholi : फ़िल्म आंख मिचौली पर दिव्यांग लोगों का मजाक बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिशा निर्देश जारी किया है. सीजेआई ने कहा कि हम विजुअल मीडिया पर दिव्यांगों को चित्रित करने के लिए एक रूपरेखा तैयार कर रहे हैं.

असंवेदनशील भाषा विकलांगों के विपरीत है, जो भाषा उन्हें अपमानित करती है, वह विकलांगों के प्रति सामाजिक उद्देश्यपरक व्यवहार को ख़राब करती है. सुप्रीम कोर्ट ने 7 दिशा-निर्देश जारी किया है. ऐसे शब्द जो संस्थागत भेदभाव को जन्म देते हैं जैसे अपंग शब्द आदि नकारात्मक आत्म छवि को जन्म देते हैं. वह भाषा जो सामाजिक बाधाओं को नज़रअंदाज कर देती है.

कोर्ट में कही गई ये बातें

रचनाकारों को रतौंधी जैसी हानि के बारे में पर्याप्त चिकित्सा जानकारी की जांच करनी चाहिए जो भेदभाव को बढ़ा सकती है. यह मिथकों पर आधारित नहीं होना चाहिए. रूढ़िवादिता दर्शाती है कि विकलांग व्यक्तियों में संवेदी महाशक्तियाँ बढ़ी हुई होती हैं और यह सभी के लिए नहीं हो सकता है. निर्णय में एक समान भागीदारी की जानकारी होनी चाहिए. हमारे बिना कुछ नहीं सिद्धांत का पालन नहीं किया जाएगा.

पीडब्ल्यूडी के अधिकारों की रक्षा के लिए अधिकारों के सम्मेलन में उनके अधिकारों की वकालत करने वाले समूहों के साथ परामर्श के बाद उन्हें चित्रित करने के उपाय शामिल हैं. फिर, हमने प्रशिक्षण और संवेदीकरण कार्यक्रमों का उल्लेख किया है.

‘फिल्म को सेंसर बोर्ड से पास होना होता है’

बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि हमारे देश मे फिल्म को रिलीज होने से पहले उसे सेंसर बोर्ड से पास होना होता है. उससे ज्यादा सेंसरशिप की जरूरत नही है. एक फिल्मकार की रचनात्मक स्वतंत्रता का सम्मान किये जाने की जरूरत है. जिसके खिलाफ दिव्यांग वकील निपुण मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया था.

याचिकाकर्ता का कहना था कि 2023 में रिलीज हुई इस फिल्म में अल्जाइमर से पीड़ित एक पिता के लिए भुलक्कड़ बाप मूक बधिर के लिए साउंड प्रूफ सिस्टम हकलाने वाले शख्श के लिए अटकी हुई कैसेट जैसे अपमानजनक शब्दो का इस्तेमाल किया है.

– भारत एक्‍सप्रेस



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