Hemraj Shah documentary wins award: महाराष्ट्र गुजराती समाज महामंडल के संस्थापक डॉ. हेमराजभाई शाह के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘हेमराज शाह: एक समर्पित जीवन’ को नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है. इस डॉक्यूमेंट्री की निर्देशक मनीषा शर्मा को ‘सर्वश्रेष्ठ मौलिक पटकथा’ का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है. विश्वभर के 60 से अधिक देशों के फिल्म निर्माताओं ने इस महोत्सव में भाग लिया, जहां कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद यह वृत्तचित्र चुना गया. मराठी-गुजराती सांस्कृतिक जगत में इस उपलब्धि से खुशी का माहौल है.
भारत मंडपम में आयोजित हुआ NDFF 2026
नई दिल्ली में NDFF 2026 (9वां न्यू दिल्ली फिल्म फेस्टिवल) 13-15 फरवरी को भारत मंडपम, प्रगति मैदान में JIFF के साथ आयोजित हुआ. 21 देशों के फिल्मकारों ने उद्घाटन किया, जिसमें 807 नामांकनों में से चुनी गई 122 भारतीय फिल्में दिखाई गईं. जिसमें हेमराज शाह की फिल्म को प्रमुख स्थान मिला. 13 फरवरी को रेड कार्पेट व लाइफटाइम अवॉर्ड, 14 फरवरी को अवॉर्ड सेरेमनी हुई. बताते चलें कि यह क्षेत्रीय सिनेमा को वैश्विक मंच देने वाला इवेंट था.
कच्छ के रेगिस्तान से मुंबई तक का संघर्षपूर्ण सफर
डॉ. हेमराज शाह कच्छ के रेगिस्तान से एक बच्चे के रूप में मुंबई आए थे. उन्होंने संघर्षपूर्ण जीवन जीते हुए सामाजिक, शैक्षिक, पत्रकारिता और राजनीतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करके अपनी पहचान बनाई. उनके प्रेरणादायक जीवन पर आधारित यह डॉक्यूमेंट्री मनीषा शर्मा और सरस्वतीचंद्र आचार्य ने निर्देशित किया है. इसे विशेष रूप से नई दिल्ली में एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया था. डॉ. शाह के कार्यों का व्यापक प्रभाव रहा है, जिसे इस डॉक्यूमेंट्री ने बेहद संवेदनशीलता से दर्शाया है.
‘हेमू दादा’ नाटक का होगा मंचन
डॉ. हेमराज शाह के कार्यों के प्रभाव को देखते हुए उनके जीवन पर आधारित नाटक ‘हेमू दादा’ का मंचन जल्द शुरू होने वाला है. वसंत मारू और कवान सावाला द्वारा लिखित इस नाटक के अगले दो महीनों में पांच प्रदर्शन निर्धारित हैं. दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है. इसी तरह, वरिष्ठ पत्रकार किशोर व्यास द्वारा लिखित उपन्यास ‘कलश छले’ भी प्रकाशित हो चुका है. इस साहित्यिक कृति में डॉ. हेमराज शाह के जीवन संघर्ष का गहन विश्लेषण किया गया है. दोनों ही रचनाएं उनके जीवन को नए सिरे से जीवंत कर रही हैं.
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सांस्कृतिक जगत में उत्साह और प्रेरणा
यह पुरस्कार न सिर्फ डॉक्यूमेंट्री टीम की मेहनत का सम्मान है, बल्कि डॉ. हेमराज शाह जैसे व्यक्तित्व के योगदान को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाता है. गुजराती-मराठी समाज में उनके कार्यों को लेकर गर्व की भावना है. यह डॉक्यूमेंट्री और आने वाली रचनाएं युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी. डॉ. शाह का जीवन संघर्ष से सफलता तक का एक जीता-जागता उदाहरण है, जो आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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