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“काम ढूंढो, आदमी नहीं” तलाक पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का निया शर्मा ने किया सपोर्ट, पुरुषों के पक्ष में बोलीं ये बात

Nia Sharma Supports Men Rights: एक्ट्रेस निया शर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट के एक फैसले का समर्थन किया है और एलिमनी देने के मामलों में पुरुषों का समर्थन किया है. निया ने कहा कि पैसे कमाना आसान है बस काम ढूंढो ना कि आदमी.

Nia Sharma Supports Men Rights

Nia Sharma Supports Men Rights: टीवी शो ‘एक हजारों में मेरी बहना है’ की फेमस एक्ट्रेस निया शर्मा सोशल मीडिया क्वीन हैं और सोशल मीडिया पर अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं.

एक्ट्रेस अपने बोल्ड फैशन सेंस के अलावा बोल्ड स्टेटमेंट के लिए भी पॉपुलर हैं. अब उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के एक फैसले का समर्थन किया है और एलिमनी देने के मामलों में पुरुषों का समर्थन किया है.

Nia Sharma

निया शर्मा ने इंस्टा स्टोरी पर शेयर किया फैसला

निया शर्मा ने इंस्टा स्टोरी पर दिल्ली हाई कोर्ट का एक फैसला शेयर किया है, जिसमें एक केस में जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की डिवीजन ने फैसला सुनाते हुए कहा कि महिला अगर किसी अच्छे पद पर है और आर्थिक रूप से सक्षम है तो वह गुजारा भत्ते की हकदार नहीं है. कोर्ट ने ये भी कहा कि पहले महिला को ये साबित करना होगा कि वो आर्थिक तौर पर कमजोर है और भरण पोषण की हकदार है.

इस फैसले का स्क्रीनशॉट लेते हुए निया ने लिखा,

भारत में फर्जी तलाक के मामलों में तेजी से कमी आ सकती है, जिससे पुरुषों को सम्मानजनक जीवन जीने का उचित अवसर मिलेगा, पैसे कमाना आसान है…बस काम ढूंढो…ना कि मैन.

निया के इस पोस्ट का फैंस समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि एलिमनी महिलाओं का बेसिक राइट होता है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया ये फैसला

बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने ये फैसला इस केस में सुनाया है, जिसमें महिला रेलवे में ग्रुप एक अधिकारी है. महिला ने कोर्ट से स्थाई गुजारा भत्ते की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने महिला की इस मांग को खारिज कर दिया है.

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सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा

इससे पहले क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक के केस के समय भी सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जहां धनश्री को 4 करोड़ से ज्यादा की एलिमनी कोर्ट से मिली थी. उस वक्त भी एक पक्ष का कहना था कि डांसर ने क्रिकेटर के नाम का इस्तेमाल सिर्फ अपना करियर बनाने और मोटी एलिमनी के लिए किया. वो खुद भी सक्षम हैं, तो एलिमनी लेने का क्या मतलब बनता है?

हम आपको बता दें कि एलिमनी जेंडर न्यूट्रल लॉ है, मतलब एलिमनी सिर्फ महिला ही नहीं, बल्कि पुरुष भी ले सकता है. राजा चौधरी को तलाक के बाद एलिमनी के तौर पर फ्लैट मिला था.

-भारत एक्सप्रेस



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