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समोसे के साइज और कीमत को लेकर Ravi Kishan ने संसद में उठाया सवाल, बोले- ढाबे से फाइव स्टार तक दाम अलग, पीएम मोदी बनाएं कानून

भाजपा सांसद रवि किशन ने वड़ा पाव, समोसा और दाल तड़का के देश भर में विभिन्न साइज और रेट को लेकर संसद में सवाल उठाया है. उन्होंने केंद्र सरकार से ढाबा होटल के खाद्य पदार्थों के मूल्य, मात्रा और गुणवत्ता को लेकर कानून बनाने की मांग की है.

Ravi Kishan

Ravi Kishan: 30 जुलाई, बुधवार को लोकसभा में उस वक़्त माहौल हल्का-फुल्का होते हुए भी पूरी तरह गंभीर हो गया, जब गोरखपुर से सांसद और भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रवि किशन (Ravi Kishan) ने जीरो ऑवर में ऐसा मुद्दा उठाया जो हर आम भारतीय के दिल और पेट दोनों से जुड़ा है. हम बता कर रहे हैं समोसे, वड़ा पाव और खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों के बारे में.

हमारे देश में प्रतिदिन ढाबे और होटलों में करोड़ों लोग भोजन करते हैं. यहां स्थान और स्तर के हिसाब से खाद्य पदार्थों का मूल्य ग्राहकों से लिया जाता है. गोरखपुर के समोसे का जिक्र करते हुए रवि किशन ने कहा कि अलग-अलग जगहों पर इसका साइज और रेट अलग है. ऐसे में ढाबा से लेकर फाइव स्टार होटल तक खाद्य पदार्थों के लिए केंद्र सरकार को नियम और कानून बनाना चाहिए.

समोसे के साइज को लेकर रवि किशन ने उठाया सवाल (Ravi Kishan)

महंगाई और बेरोज़गारी जैसे भारी मुद्दों के बीच रवि किशन ने समोसे, बड़ा पाव और दाल-तड़का की कीमतों पर सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने बड़े ही खास अंदाज़ में कहा कि, “ढाबे से लेकर फाइव स्टार तक, खाने की कीमतें बेतहाशा अलग हैं लेकिन क्वालिटी और साइज का कोई भरोसा नहीं!” उनके इस बयान से संसद में हंसी भी गूंज उठी और सोचने का मौका भी मिला.

पीएम मोदी बनाएं कानून- रवि किशन

रवि किशन ने संसद में कहा, “ढाबे पर जो दाल तड़का 100 रुपये में मिलती है, वो फाइव स्टार में 1000 रुपये में परोसी जाती है. समोसा कहीं 10 रुपये का है, तो कहीं 100 रुपये में भी पेट नहीं भरता!” उन्होंने पीएम मोदी सरकार से मांग की कि खाने-पीने की चीज़ों पर न सिर्फ कीमत, बल्कि उनकी मात्रा और क्वालिटी की भी जानकारी देना अनिवार्य किया जाए.

उनका कहना था कि रेस्टोरेंट और होटलों के मेन्यू कार्ड में सिर्फ दाम नहीं, ये भी लिखा होना चाहिए कि ग्राहक को कितनी मात्रा में खाना मिलेगा और उसमें किस किस्म का तेल या सामग्री इस्तेमाल की गई है. ताकि लोग सिर्फ दिखावे के नाम पर ठगे न जाएं.

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तेल चखें या समोसा खाएं? (Ravi Kishan)

रवि किशन ने तंज कसते हुए कहा, “कहीं समोसा इतना छोटा होता है कि दो कवर में खत्म हो जाए, तो कहीं इतना बासी तेल होता है कि पेट ही खराब हो जाए! ऐसे में समझ नहीं आता कि समोसा खाएं या सिर्फ उसका तेल चखें?” उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे पर एक ठोस कानून लाया जाए, ताकि खाने की चीजों में गुणवत्ता बनी रहे और ग्राहक का पैसा वसूल हो.

सिर्फ हीरो नहीं संसद के ‘एक्टिव स्टार’ भी हैं रवि किशन

रवि किशन सिर्फ सिनेमा में नहीं, संसद में भी एक्टिव रोल निभा रहे हैं. साल 2023 में उन्होंने 482 सवाल पूछकर सबसे सक्रिय सांसदों में जगह बनाई थी. हाल ही में उन्हें ‘संसद रत्न पुरस्कार 2025’ से भी सम्मानित किया गया. इससे पहले भी वो भोजपुरी गानों में अश्लीलता, जनसंख्या नियंत्रण और गोवध जैसे मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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