Rajpal Yadav Demands Smoking Zone: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) लगभग 11 दिन तिहाड़ जेल में बिताने के बाद बाहर आ गए हैं. 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले (Cheque Bounce Case) में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद 17 फरवरी को उनकी रिहाई हुई. जेल से बाहर आते ही राजपाल सीधे अपने पैतृक गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से अपने अनुभव साझा किए. लेकिन इस दौरान उनकी एक अजीबोगरीब डिमांड ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
‘मैं सिगरेट नहीं छोड़ पा रहा…’
समाचार एजेंसी से खास बातचीत के दौरान, राजपाल यादव (Rajpal Yadav) ने जेल के अंदर कैदियों को होने वाली दिक्कतों पर खुलकर बात की. अपनी सिगरेट पीने की आदत का जिक्र करते हुए एक्टर ने कहा कि
‘मैं सिगरेट पीने की आदत को नहीं छोड़ पा रहा हूं. मैंने कई बार इसको छोड़ने की कोशिश की है. मुझे लगता है कि रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की तरह जेल में भी स्मोकिंग जोन बनने चाहिए.’
राजपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि वे धूम्रपान का प्रचार नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनका तर्क था कि देश में तंबाकू बिक रहा है और इससे अच्छा कारोबार चलता है. इसलिए सुधार गृहों (जेलों) में कैदियों के लिए भी अलग से व्यवस्था होनी चाहिए ताकि दूसरों को धुएं से परेशानी न हो.
जेल सिर्फ सजा की जगह नहीं- Rajpal Yadav
सिर्फ स्मोकिंग ही नहीं, राजपाल ने जेल व्यवस्था को लेकर भी अपने विचार रखे. उन्होंने जोर देकर कहा कि जेलों को केवल सजा देने की जगह नहीं, बल्कि ‘सुधार गृह’ (Reform Centers) के रूप में काम करना चाहिए, जहां कैदियों को खुद को बदलने का सही अवसर मिले. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग अपनी गलतियां सुधारना नहीं चाहते, उनके लिए कानून को अपनी सख्ती बरकरार रखनी चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
राजपाल यादव के जेल जाने की वजह साल 2010 का एक पुराना कर्ज विवाद है. उन्होंने एक कारोबारी से कर्ज लिया था, जिसे वे समय पर चुका नहीं पाए और उनके द्वारा दिए गए कई चेक बाउंस हो गए. इसी मामले में बकाया राशि का भुगतान न होने पर उन्हें सरेंडर करना पड़ा था. फिलहाल अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है और बकाया राशि चुकाने का आदेश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 18 मार्च 2026 को होगी.
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