बिहार में चुनाव को लेकर प्रचार प्रसार काफी जोरो शोरो से चल रही है. इस बीच भारत के गृह मंत्री अमित शाह का एक वीडियो काफी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने भारत की सेना को हिंदुओं और आरएसएस की सेना बताया है. आइए जानते है वीडियो के पीछे का सच.
क्या हो रहा वायरल?
दरअसल 29 अक्टूबर को एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर किया. इस वीडियो में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह कतिथ तौर पर ये कह रहे है कि, मैं आजकल सोशल मीडिया पर कांग्रेस और AAP के लोगों की बकवास सुन रहा हूं जिसमें वे बार बार कहते हैं कि भारतीय सेना का भगवाकरण किया जा रहा है. अब हमारी सेना एक पार्टी की सेना बनती जा रही है. मैं ये बात सारी दुनिया के सामने अपनी 56 इंच की छाती तान के कह रहा हूँ कि भारतीय सेना हिंदुत्व की सेना है, ये आरएसएस की सेना है. ये किसी मुसलमान की सेना नहीं, किसी दलित की सेना नहीं, किसी क्रिस्चियन की सेना नहीं. जिस जिस को इस सेना से कोई मसला है तो वो पाकिस्तान दफा हो जाये. हम अपनी सेना को हिन्दू राज्य की सेना मानते हैं.
इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर ने लिखा कि, गृह मंत्री अमित शाह ने लेफ्टिनेंट जनरल विनय घई को तीखा जवाब दिया है. अमित शाह ने अपने हालिया बयान में भारतीय सेना के भगवाकरण की अपनी इच्छा खुलकर जाहिर की है. उन्होंने कहा कि जो कोई भी भारतीय सेना के राजनीतिकरण से असहमत है, उसे पाकिस्तान वापस भेज दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह एक हिंदुत्व सेना है और ऐसी ही रहेगी.
जांच में क्या पता चला?
इस वीडियो के जांच की शुरुआत में भारत एक्सप्रेस टीम ने सबसे पहले कीवर्ड सर्च किया और ऐसे किसी आधिकारिक बयान या रिपोर्ट को खोजा, लेकिन कहीं भी इस दावे की पुष्टि नहीं हुई. इसके बाद वीडियो के विजुअल्स को रिवर्स इमेज सर्च किया गया, जिसमें पता चला कि ऐसा ही एक वीडियो 25 अक्टूबर 2025 को अमित शाह की मुंगेर, बिहार की जनसभा का है, जिसे उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम किया गया था. ओरिजनल वीडियो देखने पर पाया गया कि उन्होंने कहीं भी भगवाकरण या भारतीय सेना को किसी धर्म या संगठन से जोड़ने जैसी टिप्पणी नहीं की.
तकनीकी जांच के समय लिप-सिंक और चेहरे के किनारों में धुंधलापन देखने को मिला, जिससे टीम को इसका ऐआई जेनरेटेड होने की आशंका हुई. वहीं जब वीडियो को डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (DAU) और हाइव एआई जैसे टूल्स से जांचा गया, तो उसमें ये बात साफ हो गई कि वीडियो को एआई का इस्तेमाल कर छेड़ा गया है.
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव अब करीब है ऐसे में राजनीतिक पार्टियो को लेकर फर्जी वीडियो शेयर होने के आंकड़ों में बढ़ोतरी हो गई है. इसलिए बिना किसी जांच के किसी भी वीडियो को शेयर और उसपर पूर्ण रूप से विश्वास करने से बचे.
निष्कर्ष
इस जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि, वायरल हो रहा अमित शाह का ये वीडियो पूरी तरह डीपफेक है और उन्होंने भारतीय सेना को किसी धर्म या संगठन की सेना बताने जैसी कोई टिप्पणी नहीं की थी.
-भारत एक्सप्रेस
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