Fact Check: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से जुड़े एक कथित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी हंगामा मचा हुआ है. दावा किया जा रहा है कि भारत में इटली के दूतावास ने राहुल गांधी के एक बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें फटकार लगाई है. लेकिन जब इस वायरल दावे की पड़ताल की गई, तो सच कुछ और ही निकला.
क्या है दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ‘@AINga5f’ यूजरनेम वाले एक अकाउंट से पोस्ट किया गया कि ‘हम इस तरह के अनादर को बर्दाश्त नहीं करेंगे.’ कई लोगों ने इसे इटली एम्बेसी का आधिकारिक बयान मानकर शेयर करना शुरू कर दिया.
हालांकि, यह अकाउंट पूरी तरह फर्जी है. इटली के आधिकारिक दूतावास (Italian Embassy) या राजनयिक चैनलों की तरफ से ऐसा कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है. फर्जी अकाउंट के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई थी.
कैसे हुआ विवाद?
दरअसल, यह पूरा मामला 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ‘रचनात्मक कांग्रेस’ सम्मेलन से शुरू हुआ था. कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर चुटकी लेते हुए मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगा लिया.
इस पर संदीप दीक्षित ने मजाकिया लहजे में पूछा कि क्या उन्होंने ‘मेलोनी समझकर’ गले लगाया है? जवाब में राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं अभी वहां तक नहीं पहुंचा हूं.’ इस बयान को प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के चर्चित ‘मेलोडी’ (Melodi) पलों के संदर्भ के रूप में देखा गया.
भाजपा ने जताया कड़ा ऐतराज
राहुल गांधी के इस बयान के बाद BJP के नेताओं ने इसे बेहद अशोभनीय और अमर्यादित करार दिया. बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी समेत कई नेताओं ने राहुल गांधी के इस बयान की कड़ी निंदा की और इसे एक विदेशी राष्ट्रप्रमुख के प्रति असम्मानजनक बताया.
क्या है असल सच
हालांकि इस मुद्दे पर भारत में राजनीतिक घमासान जारी है, लेकिन इटली सरकार या उनके दूतावास की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. वायरल हो रहा पोस्ट महज एक फर्जी अकाउंट की करतूत निकला.
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-भारत एक्सप्रेस
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