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Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों राहुल गांधी की एक सेल्फी खूब वायरल हो रही है, जिसमें एक शख्स उनके साथ खड़े होकर फोटो लेते नजर आ रहे हैं. लेकिन इस फोटो के साथ जो दावा फैलाया जा रहा है, वो पूरी तरह से गलत और भ्रामक है.
वायरल पोस्ट में कहा गया है कि राहुल गांधी के साथ सेल्फी लेने वाला व्यक्ति लखनऊ हाई कोर्ट का जज है. कई लोग इस दावे को सच मानकर शेयर कर रहे हैं, लेकिन जब इस तस्वीर की फैक्ट-चेकिंग की गई, तो मामला कुछ और ही निकला.
क्या है वायरल पोस्ट में?
15 जुलाई 2025 को एक फेसबुक यूज़र ने राहुल गांधी के साथ ली गई सेल्फी पोस्ट की और लिखा, “आज कोर्ट में जज साहब भी जननायक राहुल गांधी जी के साथ सेल्फी लेने से खुद को नहीं रोक पाए…” इसके साथ ही राहुल गांधी की तारीफ और प्रधानमंत्री मोदी पर तंज भी कसा गया. लेकिन इस पूरे दावे की सच्चाई कुछ और ही है.
तस्वीर में दिख रहे हैं वकील सैयद महमूद हसन
जैसे ही इस वायरल फोटो की पड़ताल शुरू हुई, सबसे पहले गूगल लेंस के ज़रिए तस्वीर को रिवर्स सर्च किया गया. खोजने पर पता चला कि यह फोटो पत्रकार अनुभव पांडे ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर 15 जुलाई को शेयर की थी.
उन्होंने साफ तौर पर बताया था कि राहुल गांधी के साथ सेल्फी ले रहे शख्स का नाम सैयद महमूद हसन है, जो लखनऊ सिविल कोर्ट में वकील हैं.
फेक न्यूज़ के सरगना,
अब न्यायपालिका के बारे में भी झूठ फैलाओगे?
यह वकील हैं, जज नहीं. और इस फर्जी खबर के लिए तुम्हें कोर्ट से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए
तुम्हारी बौखलाहट मैं समझती हूँ. तुम लोगों की तमाम साज़िशों के बावजूद राहुल गांधी बेख़ौफ़ होकर तुम्हारा पर्दाफाश करते हैं pic.twitter.com/2n32GRrDEg
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) July 15, 2025
कांग्रेस प्रवक्ता ने भी बताई सच्चाई
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस फोटो से जुड़ी सच्चाई को अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया. उन्होंने बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय द्वारा किए गए दावे के स्क्रीनशॉट को शेयर कर यह स्पष्ट किया कि यह व्यक्ति कोई जज नहीं, बल्कि एक वकील हैं.
फेसबुक प्रोफाइल से भी हुई पुष्टि
जैसे ही सैयद महमूद हसन का नाम सर्च किया गया, फेसबुक पर उनका प्रोफाइल सामने आया. प्रोफाइल की जानकारी के मुताबिक, वह लखनऊ सिविल कोर्ट के एडवोकेट हैं और लंबे समय से प्रैक्टिस कर रहे हैं.
यानी, वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा पूरी तरह झूठा है और जानबूझकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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