Fact Check: सोनम वांगचुक परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर जंतर-मंतर पर 28 जून से भूख हड़ताल पर है. उनको लेकर सोशल मीडिया पर कई सारे वीडियो वायरल हो रहे है. इसी में एक वीडियो ऐसा भी है जिससे दावा किया जा रहा है उन्होंने भगवान श्री राम को लेकर आपत्तिजनक बातें कही हैं. लेकिन क्या ये वाकई सच है? आइए जानते है क्या है वायरल वीडियो और इसके पीछे का सच.
क्या हुआ वायरल?
इस 9 सेकेंड के वीडियो को एक एक्स यूजर ने ये लिखते हुए शेयर किया कि आपके प्रिय सोनम वांगचुक का प्रभु श्री राम के विषय में विचार भी सुन लीजिए.
आपके प्रिय सोनम वांगचुक का प्रभु श्री राम के विषय मे विचार भी सुन लीजिए….. pic.twitter.com/sEqqXd08kT
— sumit kalra (@sumit1kalra) July 16, 2026
वीडियो में सोनम वागचुक को कहते हुए सुना जा सकता है कि यह ऐसे राम निकले जो सीता को रावण से छुड़ा के लाए. मगर घर नहीं ले गए भरी बाजार में बिकने के लिए रख दिए.
क्या है सच्चाई?
दावे की जांच की गई, तो सच कुछ और ही निकला. असल में यह वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि मार्च 2024 का है. सोनम वांगचुक ने भगवान राम पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी, बल्कि उन्होंने केंद्र सरकार की वादाखिलाफी को उजागर करने के लिए एक उदाहरण के तौर पर श्री राम और माता सीता का जिक्र किया था.
यह क्लिप मार्च 2024 में मीडिया को दिए गए उनके एक इंटरव्यू का हिस्सा है. उस वक्त वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे.
बयान को तोड़-मरोड़कर किया गया पेश
इंटरव्यू के दौरान जब पत्रकार ने उनसे बीजेपी और लद्दाख के रिश्तों पर सवाल पूछा, तो उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा था, .लद्दाख के लोग 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने पर बहुत खुश थे, लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि आसमान से गिरे और खजूर पर अटके. मैं तो इसे ऐसे देखता हूं कि ये ऐसे राम निकले जो सीता को रावण से छुड़ाकर तो लाए, मगर घर नहीं ले गए, बल्कि बाजार में छोड़ दिया..
इससे वांगचुक का मतलब था कि केंद्र सरकार ने लद्दाख को कश्मीर से तो अलग कर दिया, लेकिन उसे बिना किसी संवैधानिक संरक्षण के बड़े उद्योगपतियों और खनन माफियाओं के हवाले कर दिया. उन्होंने आगे यह भी कहा था कि जो लोग राम मंदिर बनाते हैं, उन्हें राम के आदर्शों का पालन करना चाहिए और लद्दाख से किए अपने चुनावी वादे पूरे करने चाहिए.
इस जांच से ये साफ है कि वायरल वीडियो को पुराने इंटरव्यू के एक छोटे से हिस्से को काटकर भ्रामक दावे के साथ फैलाया जा रहा है. उन्होंने भगवान राम का अपमान नहीं किया, बल्कि सरकार को उनके वादे याद दिलाने के लिए भगवान राम के आदर्शों का उदाहरण दिया था. इसलिए किसी भी दावे, वीडियो या पोस्ट पर भरोसा करने से पहले इसकी जांच जरूर करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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