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क्या CJP ने झारखंड पेपर लीक मामले में हेमंत सोरेन को दी राहत? जानिए वायरल पोस्ट का सच

झारखंड छात्र प्रदर्शन 19 अगस्त से 2 महिने के लिए स्थगित किया जा चुका है. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि दिपके झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का इस्तीफा नहीं चाहते.

Fake Quote Of CJP Founder Abhijeet Dipke On Jharkhand CM Hemant Soren Viral Bharat Express

झारखंड में हुए छात्र प्रदर्शन 19 अगस्त से 2 महिने के लिए स्थगित किया जा चुका है. आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार की कार्रवाई का सम्मान करते हुए उन्हें 60 दिनों का समय दिया है. लेकिन सोशल मीडिया पर इनको लेकर पोस्ट, वीडियो और दावे आए दिन दिख ही जाते है. इसी बीच एक पोस्ट और वायरल हो रही है, जिससे दावा किया जा रहा है कि दिपके झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का इस्तीफा नहीं चाहते.

क्या हो रहा है वायरल?

वायरल हो रही पोस्ट्स में लिखा गया है कि अभिजीत दीपके ने कहा, ‘हम झारखंड के सीएम से इस्तीफा नहीं, सिर्फ जवाबदेही मांग रहे हैं ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी गड़बड़ी न हो.’

Fake Quote Of CJP Founder Abhijeet Dipke On Jharkhand CM Hemant Soren Viral Bharat Express

यह कथित कोट 14 अगस्त को एक वेरिफाइड इंस्टाग्राम पेज से पोस्ट किया गया था, जिसके करीब 90 लाख फॉलोअर्स हैं. इस पोस्ट पर 74 हजार से ज्यादा लाइक आ चुके हैं. इसके अलावा, लाखों फॉलोअर्स वाले कुछ अन्य फेसबुक पेजों ने भी इसे धड़ल्ले से शेयर किया.

पोस्ट के जरिए बीजेपी के उस आरोप को हवा दी जा रही थी जिसमें कहा जाता है कि CJP विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में होने वाली गड़बड़ियों पर नरम रुख अपनाती है और ‘दोहरा मापदंड’ दिखाती है.

क्या है सच्चाई?

जांच करने पर सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे इस दावें की पुष्टि हो सके. अभिजीत दीपके के आधिकारिक X अकाउंट या किसी भी मीडिया इंटरव्यू में ऐसा कोई बयान नहीं मिला.

बता दें कि दीपके ने 2 अगस्त को एक वीडियो शेयर कर साफ कहा था कि CJP झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों की हर मांग का पूरी तरह समर्थन करती है.

इसके अलावा मेनस्ट्रीम मीडिया ने भी यही रिपोर्ट किया था कि CJP झारखंड के प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़ी है. एजेंसियों को दिए इंटरव्यू में भी दीपके ने साफ किया कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर राज्य के छात्रों का समर्थन करेंगे, चाहे सत्ता में कोई भी पार्टी हो.

वहीं अभिजीत दीपके ने इस बयान को सिरे से खारिज कर दिया. दीपके ने साफ शब्दों में कहा, ‘मैंने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया. ये सोशल मीडिया पेज अपनी मर्जी से मनगढ़ंत बातें फैला रहे हैं.’

इस जांच से यह साफ है कि वायरल हो रहे दावा और पोस्ट पूरी तरह से भ्रामक है. इसलिए सोशल मीडिया के ऐसे किसी भी पोस्ट पर भरोसा करने से पहले एक बार उसकी पुष्टि जरूर करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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