Fact Check: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे. 31 अगस्त को उन्होंने तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया जा रहा है कि शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ नहीं मिलाया.
क्या है वायरल वीडियो का सच?
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो शेयर किया. उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी शी जिनपिंग से हाथ मिलाने आगे बढ़े, लेकिन चीनी राष्ट्रपति ने उन्हें अनदेखा कर दिया. कई यूजर्स ने व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी कीं.
जिनपिंग भाव नहीं दे रहा है बस फॉर्मेलिटी निभा रहा हैं.!
और साहब से कंट्रोल नहीं हो रहा हैं,,
शर्म भी नहीं आता 20 जवानों के शहादत को भूलकर दांत निपोर रहे हैं..!#China #ModiInChina pic.twitter.com/ElzZ9MlDAm
— Manish Tiwari (@livemanish_) August 31, 2025
पड़ताल में क्या निकला?
जब फैक्ट-चेक टीम ने वीडियो की जांच की तो हमें पता चला कि यह वीडियो मौजूदा सम्मेलन का नहीं है. यह एक साल पुराना वीडियो है, जो ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का है. उस दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया था. इसके अलावा, ताजा एससीओ सम्मेलन में भी नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने एक-दूसरे का स्वागत किया और हाथ मिलाया.
Xi Jinping is merely observing the formalities without showing genuine respect, while Modi ji, unable to restrain himself, keeps smiling shamelessly. pic.twitter.com/eP0iuS9HSJ
— Mr. Cool Boy (@Mr_CoolBoy1) August 31, 2025
दोनों नेताओं की मुलाकात
रिपोर्ट के अनुसार, तियानजिन में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बातचीत भी की. शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन दुनिया की प्राचीन सभ्यताएं हैं और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य हैं. दोनों देशों की जिम्मेदारी है कि अपने लोगों की भलाई और विकासशील देशों की प्रगति में योगदान दें.
एक साल पुराना है वीडियो
हमारी जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो फेक है. यह वीडियो एक साल पुराना है और इसे झूठे दावों के साथ फैलाया जा रहा है. एससीओ सम्मेलन में मोदी और शी जिनपिंग ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया था.
-भारत एक्सप्रेस
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