आज सोशल मीडिया वायरल वीडियोज का गढ़ बन चुका है. इस बीच एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में लोक सभा के स्पीकर ओम बिरला (Lok sabha speaker Om Birla) को देखा जा सकता है. वीडियो से ये दावा किया जा रहा है कि ‘आर्थिक सहायता स्वावलंब’ योजना के तहत केंद्र सरकार 10 साल तक 12 हजार रुपये सहायता के तौर पर देगी, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है.
क्या है वीडियो से किया गया दावा?
दरअसल, लोक सभा स्पीकर ओम बिरला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में वो कहते हुए नजर आ रहें हैं कि ‘जिनकी सालाना आय 5 लाख से कम है, वैसे सभी परिवारों के पक्ष में समर्थन को देखते हुए सरकार फैसले लेने के लिए बाध्य है. इसीलिए जितने गरीब परिवार हैं या जिनकी सालाना आय 5 लाख से कम है, वैसे सभी परिवार के मुखिया को आर्थिक सहायता स्वावलंब के तहत केंद्र सरकार 10 साल तक 12 हजार रुपये आर्थिक सहायता देगी. और इसका लाभ 22 दिसंबर से आपको मिलना शुरू हो जाएगा.”
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अब इस वीडियो को कई यूजर इसी दावे के साथ शेयर कर रहे है. बता दें कि इस वीडियो को एक इंस्टाग्राम यूजर ने 8 दिसंबर को को पोस्ट किया था.
क्या है सच?
वायरल दावे की पुष्टि करने के लिए हमारी भारत एक्सप्रेस की फैक्ट चेक टीम ने इसकी जांच की. सबसे पहले हमने गूगल पर इसके बारे में सर्च किया, लेकिन इससे जुड़ी कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली. साथ ही हमने प्रधानमंत्री व विभिन्न मंत्रालयों की योजनाओं को सूचीबद्ध करने वाली MyScheme वेबसाइट को भी खंगाला, लेकिन वहां पर भी इस योजना का नाम नहीं मिला.
इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए टीम ने वीडियो के की-फ्रेम को निकालकर गूगल लेंस पर सर्च किया, जिसमें हमें एक संसद टीवी के यूट्यूब चैनल पर अपलोड हुआ एक लंबा वीडियो मिला. इस वीडियो को 1 दिसंबर 2025 का चैनल पर अपलोड किया गया था.
बता दें कि यह वीडियो लोक सभा के विंटर सेशन का था, जिसमें ओम बिरला पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देते नजर आ रहे थे. इस वीडियो में उन्होंने कहीं भी किसी नई आर्थिक सहायता योजना या संबंधित घोषणा का कोई जिक्र नहीं किया था. इससे ये बात साफ होती है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है.
ऑडियो भी एआई निर्मित
वीडियो को बनाने में एआई के इस्तेमाल की संभावना को देखते हुए फैक्ट चेक टीम ने इसे एआई डिटेक्शन टूल से जांचा. इसने वीडियो को 100 प्रतिशत तक एआई द्वारा बनाए जाने की संभावना जताई. इसके साथ ही हमने वीडियो के ऑडियो की भी हमने InVID टूल की मदद से जांच की और इसमें भी इसके 95 प्रतिशत एआई द्वारा बनाए जाने की संभावना बताई.
वहीं, एआई विशेषज्ञ इस वीडियो का विश्लेषण करने के बाद बताया कि क्लिप में लिप-सिंक और ऑडियो-वीडियो के मेल को देखकर साफ है कि इसमें डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
इस जांच से ये बात साफ हो गई की इस वीडियो को डीपफेक तकनीक की मदद से बनाया गया है और वीडियो पूर्ण रूप से झूठा और भ्रामक है.
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-भारत एक्सप्रेस
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