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क्या भारत दे रहा है BLA को समर्थन? फैक्ट चेक में खुला बड़ा राज

Fact Check: पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय नौसेना को लेकर झूठा दावा किया. पीआईबी फैक्ट चेक ने इन वायरल पोस्ट और वीडियो को पूरी तरह फर्जी और डीपफेक करार दिया.

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक बार फिर भारत विरोधी दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की गई है. पाकिस्तान से जुड़े कुछ अकाउंट्स ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर झूठा दावा किया कि उन्होंने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को भारत का समर्थन देने वाला बयान दिया है.

दावा पूरी तरह फर्जी साबित

जांच में यह दावा पूरी तरह गलत निकला. सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने साफ किया कि रक्षा मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. एजेंसी ने इस वायरल पोस्ट को भ्रामक और मनगढ़ंत करार दिया.

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

फैक्ट चेक यूनिट ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे अकाउंट्स से सावधान रहें जो भारत सरकार के खिलाफ झूठा नैरेटिव फैलाने की कोशिश करते हैं. साथ ही कहा गया कि किसी भी संदिग्ध पोस्ट को बिना सत्यापन शेयर न करें.

गलत सूचनाओं पर निगरानी

सरकार लगातार सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फर्जी खबरों पर नजर रख रही है. रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई मामलों में हाल ही में गलत सूचनाएं वायरल हुईं जिन्हें समय-समय पर खारिज किया गया है.

शिकायत दर्ज करने का तरीका

केंद्र सरकार ने लोगों को सुविधा दी है कि वे किसी भी संदिग्ध सामग्री की शिकायत सीधे PIB Fact Check को भेज सकते हैं. इसके लिए व्हाट्सऐप नंबर [8799711259](tel:8799711259) और ईमेल आईडी उपलब्ध कराई गई है.

नौसेना पर भी झूठा वीडियो

कुछ दिन पहले पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स ने भारतीय नौसेना को लेकर भी फर्जी वीडियो साझा किया था. इसमें दावा किया गया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाया था.

डीपफेक तकनीक से तैयार वीडियो

फैक्ट चेक यूनिट ने जांच में पाया कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से बनाया गया एक डीपफेक था. इसमें वाइस एडमिरल एएन प्रमोद के चेहरे और आवाज के साथ छेड़छाड़ कर झूठा बयान दिखाया गया.

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जनता से अपील

अधिकारियों ने कहा कि लोग किसी भी भ्रामक वीडियो या पोस्ट पर भरोसा न करें और बिना पुष्टि किए उसे आगे न बढ़ाएं. इस तरह की फर्जी सामग्री का मकसद सिर्फ जनता को गुमराह करना और गलत सूचना फैलाना है.

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-भारत एक्सप्रेस



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