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आज का समय डिजिटल का है और हर चीज के लिए लोग ऑनलाइन जाना ज्यादा पसंद करते हैं. ऑनलाइन सुविधाओं ने लोगों को इतनी सहूलियत दे दी है कि उन्हें ज्यादातर कामों के लिए कहीं जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. जरूरी सामान की खरीदारी हो या बैंक से जुड़ा कोई काम, सब कुछ घर बैठे आसानी से हो जाता है. लेकिन इस डिजिटल बदलाव ने लोगों के साथ होने वाली ठगी को भी नया रूप दे दिया है. अब ठग भी नए-नए तरीकों से लोगों को शिकार बना रहे है.
आज के समय में ठग अक्सर असली जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइटें बनाते हैं. इसके जरिए वो लोगों की बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड और निजी जानकारी चुरा लेते है. ऐसे में किसी भी वेबसाइट पर जाने से पहले उसके असली होने की पुष्टि जरूर करें. इसी को लेकर भारत सरकार की फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से कुछ आसान तरीके बताए हैं, जिनकी मदद से नकली वेबसाइट की पहचान की जा सकती है.
कौन सा असली, कैसे करें पहचान?
पीआईबी फैक्ट चेक ने बताया कि किसी भी वेबसाइट के असली या नकली होने की पहचान करने के लिए सबसे पहले उसके यूआरएल को देखें. सही वेबसाइट का यूआरएल ज्यादातर https:// से शुरू होता है.
इसके बाद वेबसाइट के नाम को ध्यान से देखें कि उसमें कहीं कोई स्पेलिंग मिस्टेक तो नहीं है? क्योंकि साइबर ठग अक्सर ऐसी ही वेबसाइट बनाकर ठगते है जो असली वेबसाइट के यूआरएल से मिलते-जुलते हैं.
किन बातों का रखा ध्यान?
अगर किसी वेबसाइट पर बार-बार पॉप-अप या संदिग्ध विज्ञापन दिखाई देते हैं, तो उसके फर्जी होने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे किसी भी वेबसाइट से सावधान रहें. किसी भी वेबसाइट पर जाते ही सबसे पहले उसके Contact Us या फिर About Us को देखें. वेबसाइट की जांच करने के बाद ही उसमें अपनी कोई निजी जानकारी भरें.
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-भारत एक्सप्रेस
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