Fact Check: इन दिनों सिनेमा जगत और सोशल मीडिया पर एक नई फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है. फिल्म की रिलीज डेट 27 फरवरी तय की गई है, लेकिन पर्दे पर आने से पहले ही यह विवादों के घेरे में आ गई है. यादव समाज के लोगों का कहना है कि फिल्म का शीर्षक और इसमें दिखाए गए कुछ दृश्य उनके समुदाय की छवि को धूमिल करते हैं. इसी हंगामे के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसे लेकर यह दावा किया जा रहा है कि अब दक्षिण भारत में भी फिल्म के खिलाफ मोर्चा खुल गया है. लेकिन क्या वाकई यह वीडियो हकीकत है? हमारी पड़ताल में जो सच सामने आया है, वह आपको हैरान कर देगा.
सोशल मीडिया का दावा और लोगों का गुस्सा
फेसबुक पर एक यूजर, जिन्हें करीब पौने दो लाख लोग फॉलो करते हैं, उन्होंने एक वीडियो साझा किया. इस वीडियो में भारी भीड़ बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन करती दिख रही है. कैप्शन में लिखा गया, “साउथ के यादव भी मूवी का कर रहे हैं विरोध.” देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और लोग इसे सच मानकर फिल्म के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करने लगे.
पड़ताल में खुला ‘AI’ का खेल
जब हमने इस वीडियो की बारीकी से जांच की, तो पहली नजर में ही कुछ चीजें खटकने लगीं. वीडियो में लोगों की हरकतें थोड़ी ‘रोबोटिक’ थीं और बैनरों पर लिखे शब्द साफ नहीं थे. शक होने पर हमने इसे आधुनिक एआई डिटेक्शन टूल्स जैसे पर चेक किया.
नतीजे चौंकाने वाले थे. हाइव मॉडरेशन के अनुसार, यह वीडियो 99.9 प्रतिशत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाया गया है. यानी यह किसी असली प्रदर्शन का वीडियो नहीं है, बल्कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार किया गया एक भ्रम है. एआई एक्सपर्ट अजहर मचावे ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वीडियो पूरी तरह फर्जी है.
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क्या है फिल्म विवाद की असली स्थिति?
भले ही वायरल वीडियो फर्जी हो, लेकिन फिल्म को लेकर विरोध असलियत है. हाल ही में एक रिपोर्ट के अनुसार, कई जगहों पर यादव समाज ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है. लोगों का आरोप है कि फिल्म में समाज की भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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