Falta Assembly election: फलता विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. चुनाव आयोग ने 21 मई को यहां पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया है. चुनाव के दौरान हिंसा और गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद आयोग ने यह कदम उठाया. इस घोषणा के बाद इलाके का माहौल और ज्यादा गरमा गया है.
जाहांगीर खान पर भ्रष्टाचार के आरोप
बीजेपी नेता और 2021 के फलता विधानसभा प्रत्याशी विधान बारुई ने जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया कि खान ने जमीन कब्जाने, लोगों को डराने और सरकारी सुविधाओं के नाम पर भ्रष्टाचार किया है. साथ ही अवैध लेनदेन में भी शामिल होने का आरोप लगाया गया है.
थाने में प्रदर्शन और शिकायत
गुरुवार को विधान बारुई अपने समर्थकों के साथ फलता थाने पहुंचे. वहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपा और कुछ देर तक थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया. बीजेपी का कहना है कि इलाके में लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के नाम पर भय का माहौल बनाया गया था.
मतदान के दिन हिंसा के आरोप
बीजेपी का दावा है कि मतदान के दिन कई बूथों पर हिंसा हुई. मतदाताओं को रोकने, विपक्षी एजेंटों से मारपीट करने और बूथ कब्जाने जैसी घटनाएं हुईं. इन्हीं शिकायतों के आधार पर चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश दिया.
विधान बारुई का बयान
विधान बारुई ने कहा कि फलता के लोग लंबे समय से अत्याचार झेल रहे हैं. जमीन कब्जाने और भ्रष्टाचार ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाना चाहिए.
तृणमूल का पलटवार
स्थानीय तृणमूल नेताओं ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया. उनका कहना है कि बीजेपी अपनी हार छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है. वहीं, जाहांगीर खान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
बीजेपी का आरोप है कि पुनर्मतदान की घोषणा के बाद से जहांगीर खान इलाके से गायब हैं. पुलिस ने कहा है कि शिकायत की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई होगी. हालांकि अभी तक किसी गिरफ्तारी की खबर नहीं है.
लोगों की उम्मीदें
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान डर का माहौल था, लेकिन पुनर्मतदान की घोषणा के बाद उनमें उम्मीद जगी है. वे चाहते हैं कि इस बार मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में हो.
राजनीतिक महत्व
विश्लेषकों का मानना है कि फलता विधानसभा सीट इस बार बेहद अहम हो गई है. यहां का पुनर्मतदान दक्षिण 24 परगना की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है. यही वजह है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस सीट पर पूरी ताकत झोंक रहे हैं.
कुल मिलाकर, फलता विधानसभा क्षेत्र फिलहाल राजनीतिक संघर्ष का नया केंद्र बन गया है. आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी के बीच अब सबकी नजर 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान पर है.
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-भारत एक्सप्रेस
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