मध्य प्रदेश के पर्णपाती वन भारत में बाघों के रहने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माने जाते हैं. दूर-दूर तक फैली विंध्य की पहाड़ियां इनके लिए एक सेफ वॉल बनाती हैं. यहां पर मौजूद पन्ना टाइगर रिजर्व में देश के सबसे ज्यादा बाघ पाये जाते हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश में कई अन्य बाघ अभ्यारण्य भी मौजूद हैं. इन्हीं सब खूबियों को लेकर मध्य प्रदेश को बाघों का राज्य (टाइगर स्टेट) कहा जाता है.
लेकिन टाइगर स्टेट के रूप में पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. जिसके बाद ये बहस छिड़ गई है कि क्या मध्य प्रदेश बाघों के रहने के लिए अब उपयुक्त जगह नहीं रहा. ये सवाल इसलिए क्योंकि रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2025 के पहले 8 महीनों में 36 बाघों की मौत हो चुकी है. मात्र 8 महीनों में ही इतने बाघों की मौत चिंता पैदा कर रही है.

अधिकतर बाघों की मौत शिकार की वजह से हुई
रिपोर्ट के अनुसार इन बाघों में से अधिकतर की मौत शिकार की वजह से हुई है. वहीं प्राकृतिक कारणों से बाघों की बेहद कम मौतें हुई हैं. यानी कभी बाघों के लिए एक सेफ प्लेस माना जाने वाला मध्य प्रदेश अब शिकारियों के लिए मुफीद जगह बन गया है.
इस संबंध में वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स ने बताया कि वन विभाग की लापरवाही की वजह से बाघों की मौतें हो रही हैं. वहीं अंतरराष्ट्रीय तस्करी ने भी इस समस्या को बढ़ाने में खूब मदद की है.

क्यों शिकारी करते हैं बाघों का शिकार?
वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाघों के अंगों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुत मांग हैं. वो ऊंची बोली पर इन अंगों को खरीदते हैं. बाघों के अंगों की सबसे ज्यादा मांग चीन में होती है. इसके अलावा कुछ दक्षिण एशियाई देशों में भी इनकी बहुत मांग हैं. इस वजह से शिकारी बाघों के शिकार की तरफ प्रेरित होते हैं.
सुरक्षा के लिए उठाने होंगे कड़े कदम
वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अजय दुबे के अनुसार इन बाघों की मौत में किसी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है तो वो वन विभाग को. क्योंकि वन विभाग लगातार लापरवाही कर रहा है.
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के बालाघाट में वन विभाग ने एक बाघ के शव को जांच करने के बजाय जला दिया. जो नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के प्रोटोकॉल का उल्लंघन है. सरकार को बाघों की सुरक्षा के लिए और कड़े कदम उठाने होंगे. स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन कर गुप्तचर तंत्र को मजबूत करना होगा. तभी जाकर बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.
– भारत एक्सप्रेस
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