मध्य प्रदेश में इस बार कांस्टेबल भर्ती परीक्षा एक चर्चा का विषय बन चुकी है. इसके पीछे का कारण यह है कि इस परीक्षा के लिए लगभग 9.76 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन भरा है. खास बात ये है कि परीक्षा केवल 7500 पदों के लिए है. इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि इस पद के लिए आवेदकों में पीएचडी स्कॉलर और 12000 से भी अधिक इंजीनियर शामिल है. यानी औसतन एक पद के लिए लगभग 13,000 उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा करेंगे हैं.
7500 पदों पर 9.76 लाख आवेदन
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा सितंबर के महीने में शुरू कर दी गई थी. लेकिन हैरानी करने वाली बात ये है कि केवल 7500 कांस्टेबल पदों के लिए लगभग 9.76 लाख लोगों ने आवेदन भरा. इससे ये बात तो साफ हो गई कि बेरोजगारी अपनी सीमा लांघ चुकी है और रोजगार पाने के लिए युवा किस हद तक संघर्ष कर रहे है.
जहां एक ओर इस पद के लिए कम से कम 10वीं पास की योग्यता रखी गई है. वहीं बेरोजगारी के चलते आवेदन करने वालों में उच्च शिक्षित उम्मीदवारों की भरमार लगी पड़ी है, जिसमें पीएचडी सहित 12000 से भी ज्यादा इंजीनियर शामिल है.
कब होगी परीक्षा?
इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू चुकी है जो 29 सितंबर तक चलनी थी, लेकिन आवेदनों की संख्या को देखते हुए इसकी अंतिम तिथि को बढ़ाकर 6 अक्टूबर कर दिया गया था. इस पद के लिए लिखित परीक्षा 30 अक्टूबर से शुरू होगी, जिसके बाद फिजिकल टेस्ट होगा. अगर निश्चित समय से सब हुआ, तो मई या जून 2026 तक राज्य को 7,500 नए कांस्टेबल मिल जाएंगे.
कितना होगा वेतन?
10वीं पास योग्यता पर आधारित इस पद के लिए वेतन 19,500 रुपये से 62,000 रुपये प्रति माह के बीच है. इसकी परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, जिसके लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रीवा, रतलाम, सागर, सतना, सीधी और उज्जैन सहित 11 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जा चुके हैं.
यह भर्ती सिर्फ एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि युवाओं की वास्तविकता और उनकी बेरोजगारी को दिखाने वाली आईना है. हजारों से ज्यादा शिक्षित उम्मीदवारों के लिए यह नौकरी केवल वर्दी पहनने का मौका नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्थिरता और रोजगार की उम्मीद का प्रतीक बन गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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