नई दिल्ली, 01 जून 2025: नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) अपने क्षेत्र की दृश्य पहचान और स्थापत्य सुंदरता को बढ़ाने के उद्देश्य से तालकटोरा राउंडअबाउट पर एक भव्य क्लॉक टॉवर का निर्माण करेगी. इस बात की जानकारी एनडीएमसी के उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने दी.
दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन को मिली मंजूरी
उन्होंने बताया कि इस परियोजना को दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन (DUAC) की मंजूरी मिल चुकी है और यह लुटियंस दिल्ली में एनडीएमसी की एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगी. श्री चहल ने कहा कि देशभर के अधिकांश नगर निकायों के पास उनके प्रतीक के रूप में ऐतिहासिक क्लॉक टॉवर होते हैं और अब एनडीएमसी भी एक भव्य स्थापत्य प्रतीक के रूप में इसे विकसित करेगा.
क्लॉक टॉवर लगभग 27 मीटर होगा ऊंचा
श्री चहल ने बताया कि प्रस्तावित क्लॉक टॉवर लगभग 27 मीटर ऊंचा होगा और इसमें 2 मीटर व्यास की घड़ी लगी होगी. इस अष्टकोणीय डिजाइन वाले टॉवर को आरसीसी (रिइनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) से बनाया जाएगा और इसे मिट्टी की ईंटों की परत से सजाया जाएगा. इसके आसपास ग्रेनाइट फर्श, स्टील की रेलिंग और संगमरमर की सजावट की जाएगी. इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹1.3 करोड़ रुपये है और इसका निर्माण दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
श्री चहल ने कही ये बात
श्री चहल ने कहा, “क्लॉक टॉवर सिर्फ समय बताने का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे किसी शहर की पहचान, विरासत और वास्तुशिल्प महत्व के प्रतीक होते हैं.” यह टॉवर न केवल लुटियंस दिल्ली में एक नई आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि राजेंद्र नगर और करोल बाग जैसे पास के एमसीडी क्षेत्रों से एनडीएमसी क्षेत्र में प्रवेश का प्रतीक भी होगा. टॉवर में रख-रखाव और मरम्मत के लिए अंदर सीढ़ियां बनाई जाएंगी. सुरक्षा के लिहाज से टॉवर के चारों ओर रेलिंग लगाई जाएगी और आधार क्षेत्र को संगमरमर से सजाया जाएगा.
उन्होंने आगे बताया कि यह परियोजना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” के विज़न से प्रेरित है और भारतीय शहरों की सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है. यह भव्य क्लॉक टॉवर एनडीएमसी क्षेत्र में न केवल समय बताने वाला एक यंत्र होगा, बल्कि राष्ट्रीय गर्व, सांस्कृतिक पहचान और शहरी सुंदरता का प्रतीक भी बनेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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