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क्या अरविंद केजरीवाल को मिल गई थी पार्टी टूटने की भनक, क्या उन्होंने रोकने की कोशिश नहीं की?

AAP crisis: आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से अलग होकर बीजेपी का दामन थाम लिया है. सूत्रों के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल को पहले ही इस बगावत की आहट मिल गई थी.

AAP crisis: आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है. सूत्र बताते हैं कि अरविंद केजरीवाल को इस बगावत की भनक पहले ही लग गई थी. उन्होंने नाराज सांसदों से बात करने की कोशिश की थी और शुक्रवार को मुलाकात का समय भी तय किया था लेकिन इससे पहले ही इन नेताओं ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया.

केजरीवाल की कोशिश

जानकारी के मुताबिक, केजरीवाल ने नाराज सांसदों से कहा था कि अगर किसी तरह का दबाव है तो वे इस्तीफा दे सकते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया था कि भविष्य में उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजा जाएगा. बावजूद इसके, अंदरखाने यह तय हो चुका था कि ये सांसद बीजेपी में जाने वाले हैं.

राघव चड्ढा बने केंद्र

इस पूरे घटनाक्रम में राघव चड्ढा का नाम सबसे आगे है. हाल ही में उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया था. इसके बाद उन्होंने अन्य सांसदों से संपर्क साधना शुरू किया और समर्थन जुटाया. बागी नेताओं में संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भी शामिल हैं.

भगवंत मान का क्या कहना है?

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि उन्होंने हरभजन सिंह को फोन किया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. सूत्रों का कहना है कि यह ‘ऑपरेशन’ पिछले दो हफ्तों से चल रहा था लेकिन चड्ढा को पद से हटाए जाने के बाद इसमें तेजी आई और योजना समय से पहले पूरी कर दी गई.

AAP की ताकत पर असर

दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन यह राजनीतिक हलचल हुई, उसी दिन केजरीवाल अपने नए सरकारी आवास में शिफ्ट हुए. राज्यसभा में इस टूट से AAP की ताकत घटेगी और बीजेपी को संख्यात्मक बढ़त मिलेगी. विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इन नेताओं का इस्तेमाल खासकर पंजाब में AAP सरकार को घेरने के लिए करेगी. वहीं, पार्टी संयोजक केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि इन सांसदों ने पंजाब की जनता को धोखा दिया है. संजय सिंह ने राज्यसभा स्पीकर को पत्र लिखकर राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को अयोग्य घोषित करने की मांग की है.

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बीजेपी की रणनीति

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी आलाकमान से संकेत मिलते ही राघव चड्ढा ने संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ पहले राज्यसभा सभापति को पत्र सौंपा, फिर मीडिया के सामने आए और उसके बाद बीजेपी अध्यक्ष से मुलाकात की. अन्य सांसदों में से कुछ विदेश या अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहे. माना जा रहा है कि इन सात सांसदों में से किसी एक वरिष्ठ नेता को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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