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‘अभिजीत दीपके का झूठ पकड़ा गया…!’ CJP के आरोपों का दिल्ली पुलिस ने किया खंडन, PC में दिखाया सच

दिल्ली पुलिस ने CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के कथित दुर्व्यवहार के आरोपों को खारिज करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो फुटेज पेश किया.

Abhijeet Deepke

Abhijeet Deepke Delhi Police Controversy: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के नाम पर पूरी दिल्ली को बंधक बनाने की कोशिश करने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और उसके फाउंडर अभिजीत दीपके के कथित झूठे प्रोपेगैंडा का दिल्ली पुलिस ने करारा पर्दाफाश कर दिया है. दरअसल रविवार को आयोजित एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस की DCP और PRO नेहा यादव ने सीजेपी के उन तमाम दावों की धज्जियां उड़ा दीं, जिनमें पुलिस पर बदसलूकी और प्रताड़ना का आरोप लगाया जा रहा था.

बता दें पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज और वीडियो जारी किया, जिसमें पुलिसकर्मी हिरासत में मौजूद अभिजीत दीपके की दादी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए फ्लाइट टिकट, फोन कॉल और हर मुमकिन मदद की पेशकश करते दिख रहे हैं.

CJP के आरोपों के इतर पुलिस ने की थी मदद

दिल्ली पुलिस की PRO नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जैसे ही पुलिस को अभिजीत दीपके की दादी के दुखद निधन की खबर मिली, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की. वीडियो में साफ दिख रहा है कि अधिकारी खुद दीपके के पास पहुंचे और पूछा कि क्या आपको घर जाने के लिए फ्लाइट की टिकट चाहिए?

‘क्या आप अपने माता-पिता से तुरंत बात करना चाहते हैं?’ लेकिन दीपके ने पुलिस की तमाम मदद लेने से साफ इनकार कर दिया. इसके बावजूद सीजेपी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की छवि को खराब करने के लिए इस पूरे घटनाक्रम को तोड़-मरोड़कर पेश किया.

 

जंतर-मंतर पर क्यों नहीं दी परमिशन?

दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि सीजेपी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत क्यों नहीं दी गई थी. डीसीपी नेहा यादव ने खुलासा किया कि पिछली बार जब इस संगठन को विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब इन्होंने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी थीं.

सीजेपी द्वारा जुटाई गई उपद्रवी भीड़ ने दिल्ली की सड़कों पर भारी पथराव, आगजनी और हिंसा की थी, जिसमें सरकारी संपत्ति को करोड़ों का नुकसान पहुंचा था. इस खौफनाक इतिहास को देखते हुए इस बार जंतर-मंतर पर किसी भी जमावड़े को मंजूरी नहीं दी गई.

कानून हाथ में लेने पर दबोचे गए थे दीपके

दिल्ली की सुरक्षा और आम नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए पुलिस ने राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में धारा 163 (BNSS) लागू कर दी थी. इसके बावजूद जब अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका ने गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जुटाने और माहौल बिगाड़ने का कॉल दिया, तो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 10 अक्टूबर को तीनों को हिरासत में ले लिया. पुलिस का साफ कहना है कि राजधानी में किसी को भी कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी.

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कोर्ट ने भी मानी पुलिस की दलील

हिरासत के बाद जब सीजेपी नेताओं को अदालत में पेश किया गया, तो मजिस्ट्रेट ने भी मामले की गंभीरता को समझा. हालांकि, कोर्ट ने अभिजीत दीपके और उनके साथियों को रिहा कर दिया है, लेकिन यह रिहाई कड़ी और सख्त शर्तों के तहत दी गई है. अगर सीजेपी नेता दोबारा दिल्ली में शांति भंग करने या भड़काऊ हरकत करने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी और उन्हें वापस जेल की हवा खानी पड़ेगी.

-भारत एक्सप्रेस



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