भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने रविवार को दिल्ली के सुब्रतो पार्क स्थित वायुसेना साभागार में स्कूली छात्रों से मुलाकात की और उन्हें अपने जीवन की कहानी को सुनाकर उत्साहित किया. उन्होंने बताया कि बचपन में वे बेहद शर्मीले और संकोची थे लेकिन राकेश शर्मा की अंतरीक्ष यात्रा की कहानियों ने उन्हें उड़ान भरने का सपना दिखाया.
शुभांशु शुक्ला ने क्या कहा?
शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने भारतीय वायु सेना में शामिल होने के सफर को शेयर करते हुए कहा कि एक दोस्त के कहने पर उन्होंने NDA का फॉर्म भरा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने बताया कि वायुसेना का ट्रेनिंग उन्हें हर चुनौती से लड़ने के लिए तैयार करता है और यहीं उन्हें अंतरिक्ष तक ले गया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया सम्मानित
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) और गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) के लिए चुने गए तीन और अंतरिक्ष यात्रियों को सम्मानित किया. इन दौरान शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की 20 दिन की यात्रा के अनुभव भी शेयर किए. उन्होंने बताया,
“अंतरिक्ष में एक दिन में 16 सूर्योदय और 16 सुर्यास्त देखना एक अद्भुत अनुभव था. अंतरिक्ष से पृथ्वी का रात्रि दृश्य सबसे खूबसूरत होता है. इस मिशन से मिली सिखें भारत के गगनयान मिशन के अंतरिक्ष केंद्र की नींव मजबूत करेंगी.
बच्चों ने शुभांशु शुक्ला से की मुलाकात
कार्यक्रम में शामिल 100 से अधिक छात्रों ने उनसे मुलाकात की. कुछ बच्चों का कहना था कि वो शुभांशु शुक्ला को अब अपना आदर्श मानते हैं और वायू सेना में शामिल होकर लड़ाकू विमान उड़ाना चाहते हैं.
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शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने युवाओं से कहा,
“हमारे सपने बड़े हैं और हमारी दिशा सही है. अब हमें उन्हें साकार करने के लिए आपकी जरूरत है. जिज्ञासु बने रहें, संभावनाएं अनंत हैं.”
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-भारत एक्सप्रेस
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