केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान. (फाइल फोटो)
शुक्रवार को लोकसभा में अपने मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं.” उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में किसानों की हत्या की गई.
कृषि मंत्री ने कहा, “मुझे यह जानकर आघात लगा कि 1963 तक अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषणों में जवाहरलाल नेहरू ने केवल तीन बार किसानों का जिक्र किया था.” इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि 1986 में बिहार में कांग्रेस सरकार के दौरान किसानों पर पुलिस ने गोली चलाई थी, जिसमें 23 किसान मारे गए थे. इसी तरह, 1988 में उत्तर प्रदेश में 5 किसानों की हत्या की गई थी.
कृषि क्षेत्र को मिला 10 गुना अधिक बजट
मंत्री ने कहा कि “किसान अन्नदाता हैं. कांग्रेस सरकार (2004-2014) के दौरान कृषि मंत्रालय को मात्र ₹1,51,277 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था, जबकि एनडीए सरकार ने इस क्षेत्र के लिए ₹10,75,600 करोड़ का आवंटन किया है.”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि “यदि कोई नेता दूरदर्शी होता है, जनता की सेवा और देश की प्रगति उसका लक्ष्य होती है, और वह संकल्प के साथ मेहनत करता है, तो चमत्कार संभव हैं.”
80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन
उन्होंने कहा कि “मोदी सरकार ने देशभर में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज और चावल देने की व्यवस्था की है.” उन्होंने यह भी बताया कि किसानों और गांवों के विकास का देश की आत्मनिर्भरता से सीधा संबंध है.
कृषि मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसान अन्नदाता हैं, और उनका विकास ही देश का विकास है. किसानों का विकास होगा, तो गांवों का विकास होगा और गांवों के विकास से ‘आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण होगा.”
तकनीकी साधनों से खेती को किया जा रहा मजबूत
सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण प्रदान करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “अगर किसानों की पैदावार बढ़ानी है, तो कृषि उपकरण जरूरी हैं. सरकार ‘कृषि यंत्रीकरण योजना’ के तहत छोटे किसानों को उपकरण उपलब्ध करा रही है.” उन्होंने बताया कि “प्रधानमंत्री मोदी ने ‘किसान सम्मान निधि योजना’ की शुरुआत की, जिसके तहत ₹3,68,000 करोड़ की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई.”
उन्होंने कांग्रेस शासन पर तंज कसते हुए कहा, “पहले एक प्रधानमंत्री कहते थे कि अगर मैं ₹1 भेजता हूं, तो जनता तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचते हैं. लेकिन अब, मोदी सरकार में ₹1 भेजा जाता है, तो पूरा ₹1 किसानों तक पहुंचता है.”
उर्वरक सब्सिडी में बड़ा इजाफा
उत्पादन लागत घटाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “2013-14 तक उर्वरक सब्सिडी के रूप में ₹31,280 करोड़ दिए जाते थे, जिसे 2022-23 में बढ़ाकर ₹2,45,799 करोड़ कर दिया गया.” आज लोकसभा में विभिन्न मंत्रालयों के लिए 2025-26 के बजट अनुमानों को मंजूरी दे दी गई, क्योंकि अध्यक्ष ने ‘गिलोटिन’ प्रक्रिया लागू की.
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-भारत एक्सप्रेस
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