Air India Plane Crash: 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI171 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट इस सप्ताह या अगले सप्ताह की शुरुआत में जारी हो सकती है (AI171 Plane Crash).
इस भीषण हादसे में विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 34 लोगों की जान जमीन पर गई, जब यह विमान बी.जे. मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया.
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा तैयार की जा रही यह रिपोर्ट भले ही दुर्घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष न दे पाए, लेकिन यह फ्लाइट के अंतिम मिनटों की विस्तृत झलक देगी. इसमें शामिल हो सकती हैं:
- उड़ान के आखिरी पलों की टाइमलाइन
- कॉकपिट में हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग
- पायलट्स द्वारा किए गए नियंत्रण प्रयास
- विमान की तकनीकी प्रणाली से मिले आंकड़े
- मौसम की स्थिति और एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) संवाद का ब्यौरा
उड्डयन मंत्रालय ने दी जानकारी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 19 और 26 जून को दो अपडेट जारी कर बताया कि दोनों ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) को बरामद कर लिया गया है. 25 जून को इनमें से एक डिवाइस से डेटा भी डाउनलोड कर लिया गया था.
एयर इंडिया का पक्ष
एयर इंडिया का दावा है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान (VT-ANB) की मेंटेनेंस हिस्ट्री एकदम साफ थी. विमान का आखिरी मेजर मेंटेनेंस जून 2022 में हुआ था और अगला दिसंबर 2025 में तय था.
दाहिने इंजन को मार्च 2025 में ओवरहॉल कर फिर से लगाया गया था. बाएं इंजन की अप्रैल 2025 में निर्माता के निर्देशानुसार जांच की गई थी. विमान के कैप्टन सबरवाल के पास 10,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव था.
व्यापक असर
इस त्रासदी के बाद, डीजीसीए (DGCA) ने भारत में ऑपरेट हो रहे सभी बोइंग 787 विमानों की सुरक्षा जांच कड़ी कर दी है.
एयर इंडिया ने भी अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या कम कर दी है ताकि नेटवर्क स्थिर रखा जा सके और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो.
दुनिया की नजर भारत की जांच पर
ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री अब भारत के जांच अधिकारियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. यदि ब्लैक बॉक्स से निकले डेटा में किसी तरह की तकनीकी खामी या डिजाइन दोष का संकेत मिलता है, तो इसका असर न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की विश्वसनीयता पर पड़ेगा.
यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी विफलता नहीं, बल्कि आसमान में उड़ान के भरोसे पर एक गहरा सवाल है. रिपोर्ट से मिलने वाले जवाब तय करेंगे कि भविष्य की उड़ानें कितनी सुरक्षित होंगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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