Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक प्लेन दुर्घटना में निधन हो गया. 28 जनवरी 2026 की सुबह आई इस रिपोर्ट ने देश को गमगीन कर दिया. अजित पवार की मौत पर भारत एक्सप्रेस के सीएमडी और एडिटर इन चीफ उपेंद्र राय ने भी शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम का इस तरह अचानक चले जाना मेरे लिए निजी क्षति है.
सीएमडी उपेंद्र राय ने अजीत पवार से अपने परिचय के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने कहा,
मैंने अपने जीवन में सिविल एविएशन को कवर करना कभी बंद ही नहीं किया. मैं आज भी सिविल एविएशन के शो में जाता हूं और उन्हें कवर करता हूं. अजित दादा पवार से मेरा नया-नया परिचय हुआ था. ज़्यादा नहीं जानता था, लेकिन मैं अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देना चाहूंगा. उनके परिवार के लिए यह बहुत गहरी क्षति है. उनके परिवार को मैं अपनी शोक संवेदना देना चाहूंगा.
भारत एक्सप्रेस के सीएमडी अजित पवार ने फ्लाइट के कैप्टन सुमित कपूर के निधन पर भी शोक संवेदना व्यक्त की. उन्होंने सुमित कपूर को अपने परिवार के बेहद करीब बताया.
सीएमडी ने कहा,
इस हादसे में मेरे परिवार के बेहद करीबी सुमित कपूर चले गए, जिनका 16 हज़ार घंटे से ज़्यादा का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था. यह प्लेन जिस कंपनी का था, वह कंपनी देश की एक लीडिंग कंपनी है. उसके पास चार्टर्ड प्लेन ऑपरेट करने का सबसे अच्छा अनुभव है.
इस प्लेन हादसे को लेकर भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय ने प्लेन कंपनी के प्रमोटर से भी बातचीत की. उन्होंने बताया कि कंपनी के प्रमोटर वी.के. सिंह से मेरी बातचीत हुई. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद वो भी सदमे में हैं. उन्होंने सुमित कपूर जैसे कमांडर के हाथों में प्लेन होने के बाद भी हादसा होने पर आश्चर्य जताया.
उन्होंने कहा,
बारामती एयरपोर्ट पर दो रनवे हैं. पहले एयरपोर्ट से कमांडर ने अलाइन किया, लेकिन ठीक से नहीं हो पाया. तब दूसरे रनवे 01 से अलाइन किया गया. पायलट ने जब लैंडिंग का निर्णय लिया तो लो विज़िबिलिटी थी. लो विज़िबिलिटी के कारण एरर ऑफ जजमेंट हुआ, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ. यह एरर ऑफ जजमेंट नहीं बल्कि नियति थी, क्योंकि सुमित कपूर जैसे कमांडर इस देश में कम हैं.
रिश्ते पर भी सीएमडी ने की बात
अजित पवार के अपने रिश्ते पर भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय ने बताया कि,
मुझे बहुत अजीब लग रहा है. मैं दिल्ली से मुंबई जा रहा था, और वे मेरे बगल में बैठे हुए थे. उसी समय मेरा उनसे परिचय हुआ. उनका चले जाना देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है. वे देश के बहुत बड़े नेता थे. शरद पवार जी के भतीजे थे. दोनों परिवार अब एक होने वाले थे. राजनीतिक विरासत अब एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाने का वक्त हो चला था, क्योंकि अजित दादा पवार भी अपने जीवन में एक लंबा राजनीतिक अनुभव देख चुके थे.
अब इस आयु में शरद पवार जी हैं. सुप्रिया सुले जी से भी मेरा बहुत अच्छा परिचय है. मैं उन्हें अपनी शोक संवेदना देना चाहूंगा.
सबसे सुरक्षित परिवहन माध्यम है एयरप्लेन
बारामती प्लेन हादसे को लेकर सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा कि,
आज से 22 साल पहले 60 लाख उड़ानों में एक उड़ान के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना होती थी. आज एक करोड़ 60 लाख उड़ानों में एक दुर्घटना होने की संभावना है. यह नियति ही है कि इतनी उड़ानों में कोई प्लेन क्रैश कर जाए. एयरप्लेन या एयरक्राफ्ट को सबसे सुरक्षित परिवहन माध्यम कहा जाता है. इसके दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बहुत कम होती है.
कैसे बुक होता है चार्टर्ड प्लेन?
भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय ने चार्टर्ड प्लेन बुक होने के संबंध में भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि,
अगर मैं चार्टर्ड प्लेन बुक करता हूं, तो सबसे पहले मैं ट्रैवल एजेंट से बात करता हूं, क्योंकि ऐसा कोई ऐप नहीं है जिससे आप चुपचाप चार्टर्ड प्लेन बुक कर सकें. आप पहले ट्रैवल एजेंट से बात करते हैं, वह चार्टर्ड सर्विस प्रोवाइड करने वाली कंपनी से बात करता है. सब कुछ सही पाए जाने के बाद कंपनी आपसे एडवांस में पेमेंट करने के लिए कहती है.
सीएमडी उपेंद्र राय ने आगे बताया कि पेमेंट होने के बाद चार्टर्ड कंपनी आपके लिए एक कॉन्टैक्ट मैनेजर अपॉइंट करती है और पूरी फीड बनाती है, जिसमें कौन कैप्टन होगा, कौन केबिन क्रू होगा, कितने सीटर का प्लेन रहेगा, प्लेन कहां से और कितने बजे उड़ान भरेगा, डेस्टिनेशन क्या होगा- सब कुछ उस फीड में रहता है. इसके बाद कंपनी दोनों एयरपोर्ट से परमिशन लेती है. डीजीसीए को रिपोर्ट किया जाता है. जब पैसेंजर बोर्ड कर लेता है, तो पायलट रिपोर्ट करता है कि पैसेंजर बोर्ड कर चुका है और अब उड़ान की अनुमति दी जाए. इस तरह से चार्टर्ड सर्विस प्रोवाइड कराई जाती है.
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बता दें कि, अजित पवार की पहचान महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसे नेता के तौर पर थी, जो अपने सख्त प्रशासनिक फैसलों और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे. उनके निधन से महायुति गठबंधन और एनसीपी को एक अपूरणीय क्षति हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. हादसे के कारणों की जांच के लिए DGCA ने आदेश दे दिए हैं. बारामती में उनके समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा है और हर आंख नम है.
-भारत एक्सप्रेस
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