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राजनीति के 50 साल: बीएसवाई के लिए सजे मंच पर पहुंचे अमित शाह, बताया भाजपा का सबसे मजबूत स्तंभ

कर्नाटक के चित्रदुर्ग में ‘बीएसवाई अभिमानोत्सव’ के दौरान अमित शाह ने पूर्व सीएम बी.एस. येडियुरप्पा को उनके 50 साल के राजनीतिक योगदान के लिए सम्मानित किया. लाखों लोगों की मौजूदगी में शाह ने येडियुरप्पा को ‘दक्षिण में भाजपा का वास्तुकार’ बताया.

BSY Abhimanotsava Amit Shah honors B.S. Yediyurappa for 50 years of service

कर्नाटक की राजनीति में कल का दिन बरसों तक याद रखा जाएगा. मौका था दक्षिण भारत में भाजपा के सबसे बड़े चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येडियुरप्पा (BSY) की सार्वजनिक सेवा के 50 साल पूरे होने का. चित्रदुर्ग की धरती पर आयोजित ‘बीएसवाई अभिमानोत्सव’ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिरकत की और येडियुरप्पा के पांच दशकों के सियासी सफर को नमन किया.

किसानों के नेता से ‘दक्षिण के वास्तुकार’ तक का सफर

अमित शाह ने येडियुरप्पा को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित करते हुए कहा कि येडियुरप्पा ने हमेशा अपने से ऊपर कर्नाटक को रखा है. उन्होंने याद दिलाया कि कैसे एक युवा नेता के तौर पर उन्होंने किसानों के हक की लड़ाई शुरू की थी और अपनी मेहनत के दम पर दक्षिण भारत में भाजपा का झंडा बुलंद किया.

अमित शाह ने कहा कि, ‘येडियुरप्पा जी का जीवन सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि एक साधना है. उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया और मुख्यमंत्री रहते हुए जो किसान कल्याण के काम किए, वे आज भी मिसाल हैं. उनका सफर आज के युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है.’

लाखों की भीड़ और ‘अभिमान’ का उत्सव

चित्रदुर्ग में आयोजित इस कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां पैर रखने तक की जगह नहीं थी. लाखों की संख्या में कार्यकर्ता और आम जनता अपने चहेते नेता ‘राजा हुली’ (मेवाड़ का शेर, जैसा उनके समर्थक उन्हें बुलाते हैं) की एक झलक पाने पहुंचे थे.

येडियुरप्पा को दक्षिण भारत में भाजपा की नींव रखने वाला ‘वास्तुकार’ माना जाता है. उनके 50 साल के योगदान का जश्न मनाने के लिए पूरे शहर को सजाया गया था. कार्यकर्ताओं के बीच जो उत्साह था, वो साफ बता रहा था कि भले ही येडियुरप्पा आज मुख्यमंत्री की कुर्सी पर न हों, लेकिन लोगों के दिलों में उनका कद आज भी सबसे बड़ा है. इस सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य येडियुरप्पा की निष्ठा और मेहनत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था.

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-भारत एक्सप्रेस



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