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गुजरात में जुटने जा रहे हैं 47 देशों के दिग्गज! गृह मंत्री अमित शाह करेंगे इंटरपोल DFEG के 11वें एडिशन का आगाज़

गृह मंत्री अमित शाह गांधीनगर स्थित NFSU में इंटरपोल डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट ग्रुप (DFEG) की 11वीं बैठक का उद्घाटन करेंगे. 47 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में तीन नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एशिया की पहली साइबर फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन वैन भी राष्ट्र को समर्पित की जाएगी…

भारत एक बार फिर वैश्विक सुरक्षा और फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) में इंटरपोल डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट ग्रुप (DFEG) की प्रतिष्ठित मीटिंग के 11वें एडिशन का भव्य उद्घाटन करेंगे. साल 2022 के बाद यह दूसरी बार है जब भारत इस बेहद हाई-टेक और बड़े ग्लोबल फोरम की मेजबानी कर रहा है.

एनएफएसयू (NFSU) में आयोजित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय समागम वैश्विक स्तर पर फॉरेंसिक साइंस, साइबर सुरक्षा और आपराधिक जांच के तौर-तरीकों को आधुनिक और कड़क बनाने की दिशा में एक नया ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने वाला है.

30 बड़ी टेक कंपनियां होंगी शामिल

इस वैश्विक महा-आयोजन के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और एनएफएसयू के कुलपति डॉ. जेएम व्यास मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे. दुनिया भर की सुरक्षा और जांच एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के मकसद से आयोजित हो रही इस मीटिंग में 47 देशों के शीर्ष प्रतिनिधि और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं.

इसके साथ ही, इस मेगा इवेंट में वैश्विक स्तर पर तकनीकी क्रांति का प्रदर्शन करने के लिए एक विशेष एग्ज़िबिशन भी लगाई जा रही है, जिसमें गूगल (USA), सेलेब्राइट (इज़राइल) और एम्पेड (इटली) जैसी दुनिया की 30 से ज़्यादा नामचीन और दिग्गज टेक कंपनियों की लेटेस्ट तकनीकों का लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन किया जाएगा.

 

देश को मिलेंगे तीन नए ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह देश की सुरक्षा और फॉरेंसिक जांच को नई ऊंचाई पर ले जाने वाले तीन अत्याधुनिक ‘सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस’ (Centers of Excellence) का भी उद्घाटन करेंगे. इनमें सबसे पहला एआई (AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा संचालित ‘फाइनेंशियल क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेंटर’ है, जो वित्तीय धोखाधड़ी पर नकेल कसेगा.

दूसरा, ‘क्राइम सीन मैनेजमेंट सेंटर’ है और तीसरा भारत का पहला ऐसा ‘मीडिया फॉरेंसिक सेंटर’ है, जहां पत्रकारों और मीडिया प्रोफेशनल्स को फॉरेंसिक रिपोर्टिंग की विशेष और बारीक ट्रेनिंग दी जाएगी. ये तीनों सेंटर्स भारत की आंतरिक सुरक्षा और फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहद मजबूत और कड़क बनाने का काम करेंगे.

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एशिया की पहली साइबर फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन वैन

इस पूरे इंटरनेशनल इवेंट का सबसे बड़ा आकर्षण ‘मेक-इन-इंडिया’ के तहत स्वदेशी तकनीक से तैयार की गई एशिया की पहली ‘साइबर फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन वैन’ होने वाली है, जिसे अमित शाह हरी झंडी दिखाकर देश को समर्पित करेंगे. यह अत्याधुनिक वैन किसी भी क्राइम सीन पर ऑन-साइट (मौके पर ही) डिजिटल सबूतों की रिकवरी और उनकी त्वरित वैज्ञानिक जांच करने में पूरी तरह सक्षम है.

दुनिया भर के जाने-माने साइबर एक्सपर्ट्स, इन्वेस्टिगेटर्स, पॉलिसीमेकर्स और एकेडेमिक्स को एक साझा मंच पर लाने वाले इस शानदार इवेंट का मुख्य विजन क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के पारंपरिक तौर-तरीकों को पूरी तरह बदलकर उसमें इनोवेशन, कोलेबोरेशन और एक्सीलेंस को बढ़ावा देना है, ताकि भविष्य के डिजिटल अपराधों को जड़ से खत्म किया जा सके.

-भारत एक्सप्रेस



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