आधुनिक तमिल साहित्य के शिल्पकार कहे जाने वाले सुब्रमण्यम भारती जी की आज यानी 11 दिसंबर को जयंती है. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. अमित शाह (Amit shah) ने कहा उन्होंने अंग्रेजो के शासन में निडर होकर क्रांति की मशाल को थामे रखा.
थामी क्रांति की मशाल
गुरुवार सुबह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Central Home Minister Amit Shah) ने महाकवि सुब्रमण्यम भारती की जयंती पर एक्स पोस्ट के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. अमित शाह ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘आधुनिक तमिल साहित्य के शिल्पकार महाकवि सुब्रमण्यम भारती जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि.
Obeisance to Subramania Bharathi Ji, the architect of modern Tamil literature, on his Jayanti. Braving the atrocities committed by the colonial government, the Mahakavi carried the blazing flame of revolution and fueled the freedom movement with his poems of fiery patriotism. At… pic.twitter.com/KiVxRMENuX
— Amit Shah (@AmitShah) December 11, 2025
उन्होंने आगे कहा, ‘औपनिवेशिक शासन द्वारा किए गए अत्याचारों का निडर होकर सामना करते हुए, महाकवि ने क्रांति की मशाल थामी और अपनी अग्नि-सी देशभक्ति से भरी कविताओं के जरिए से स्वतंत्रता के सपने को प्रज्वलित किया.
Amit shah ने आगे कहा, ‘सामाजिक सुधारों के जरिए उन्होंने भारत के उस सपने को आगे बढ़ाया, जिसमें हर किसी के लिए न्याय और बराबरी वाली समाज की कल्पना की गई है.
साहस का संचार करती कविताएं
पीएम मोदी ने अपने सुब्रमण्यम भारती जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए शत शत नमन किया. उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘ उनकी कविताओं ने साहस का संचार किया और उनके विचारों में ऐसी शक्ति थी, जो अनगिनत लोगों के मन पर स्थायी प्रभाव छोड़ जाती थी’.
Tributes to Mahakavi Subramania Bharati on his birth anniversary. His verses ignited courage and his thoughts had the power to leave a lasting impression on the minds of countless people. He illuminated India’s cultural and national consciousness. He worked towards creating a…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 11, 2025
पीएम मोदी ने आगे लिखा कि ‘सुब्रमण्यम भारती जी ने भारत की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना को उजागर किया. वे एक न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहे. तमिल साहित्य को समृद्ध बनाने में उनका योगदान आज भी अद्वितीय है.’
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, कहा-उनसे बहुत कुछ सीखा
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





