26 अगस्त 1914: रोडा आर्म्स लूट– दिनदहाड़े अंग्रेजों के हथियार छीनने वाली ऐतिहासिक घटना
26 अगस्त 1914 को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की सबसे बड़ी और साहसिक घटनाओं में से एक 'रोडा आर्म्स लूट' को अंजाम दिया गया था. क्रांतिकारियों ने बिना एक भी गोली चलाए अंग्रेजों की नाक के नीचे से हथियार और गोला-बारूद छीन लिए थे.
1857 से 51 साल पहले भड़की थी आजादी की पहली चिंगारी, जानें वेल्लोर विद्रोह की पूरी कहानी
10 जुलाई 1806 को वेल्लोर किले में भारतीय सिपाहियों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ पहला बड़ा सैन्य विद्रोह छेड़ा था. धार्मिक हस्तक्षेप और अपमानजनक ड्रेस कोड के विरोध में हुआ यह विद्रोह 1857 की क्रांति का अग्रदूत माना जाता है.
क्या था 1946 का नेवल रिवोल्ट, जिसे इतिहासकार कहते हैं ‘आज़ादी का अंतिम युद्ध’ ?
18 फरवरी 1946, बंबई के समुद्री किनारों से उठी एक चिंगारी ने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी. Royal Indian Navy के भारतीय नाविकों ने HMIS Talwar से विद्रोह की शुरुआत की, जो देखते ही देखते देशव्यापी आंदोलन में बदल गया. 80 साल बाद भी 1946 का यह नौसैनिक विद्रोह भारत की स्वतंत्रता की अंतिम निर्णायक दस्तक के रूप में याद किया जाता है.
तमिल साहित्य के शिल्पकार सुब्रमण्यम भारती की जयंती पर अमित शाह ने अर्पित की श्रद्धांजलि, बोले- उनकी कविताएं देशभक्ति की अग्नि से भरी
आधुनिक तमिल साहित्य के शिल्पकार कहे जाने वाले सुब्रमण्यम भारती जी की आज यानी 11 दिसंबर को जयंती है. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
रोटी से जुड़ा आजादी का वो रहस्यमय आंदोलन, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नाक में कर दिया था दम
1857 की क्रांति के समय रोटी से जुड़ा आंदोलन भी हुआ था, जिसने अंग्रेजों को भयभीत कर दिया था. इसने अंग्रेजों के सामने एक ऐसी पहेली खड़ी कर दी थी, जिसमें वे उलझ कर रह गए थे.
जब धोतियों की रस्सी बनाकर जेल की 17 फीट ऊंची दीवार लांघ जयप्रकाश नारायण ने अंग्रेजों को दिखाया था ठेंगा
JP के नाम से मशहूर जयप्रकाश नारायण (Jayaprakash Narayan) को सविनय अवज्ञा आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए उन्हें अंग्रेजी हुकूमत ने गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था.
क्या आप जानते हैं गांधी जी को सबसे पहले राष्ट्रपिता कहकर किसने पुकारा था? यहां जान लीजिए
155 साल पहले महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) जैसी महान शख्सियत का जन्म हुआ, जो पूरे विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत बने. जिसने अंग्रेजों के पसीने छुड़वाए और भारत को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
बीना दास: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की धधकती चिंगारी, जिन्होंने दीक्षांत समारोह में ही कलकत्ता के गर्वनर को मार दी थी गोली
क्रांतिकारी बीना दास के माता-पिता अपने बच्चों, खासकर अपनी बेटियों को ऐसे अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध थे जो उस समय दुर्लभ थे, जिसमें स्वतंत्रता, शिक्षा और सीखने की प्यास शामिल थी.
Independence Day Photo Feature | आजादी के रंग में रंगा देश, देखें विविधता में एकता की तस्वीरें
Photo Feature: 15 अगस्त को देश के विभिन्न हिस्सों में 78वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश तक देश तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया.
Jawaharlal Nehru’s Tryst With Destiny Speech: ‘हमें स्वतंत्र भारत का महान भवन बनाना है, जहां उसके सभी बच्चे रह सकें’
आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 14-15 अगस्त 1947 की दरमियानी रात को एक ऐतिहासिक भाषण दिया था, जिसे Tryst With Destiny के नाम से जाना जाता है.





