आज RSS के तृतीय सरसंघचालक बालासाहब देवरस की जयंती है इस अवसर पर अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कोटि-कोटि नमन किया. गृह मंत्री अमित शाह सोशल मीडिया एक्स पर उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
बालासाहब के अमूल्य योगदान को किया याद
केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक एक्स हेंडल पर लिखा, ‘ संघ के तृतीय सरसंघचालक, सामाजिक समरसता के प्रतीक बालासाहब देवरस जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन.’
संघ के तृतीय सरसंघचालक, सामाजिक समरसता के प्रतीक बालासाहब देवरस जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
संघ की शुरुआत से लेकर उसे एक विशाल संगठन बनाने और देशभर में विस्तार देने में बालासाहब देवरस जी का अमूल्य योगदान रहा। उन्होंने आपातकाल का डटकर मुकाबला किया और युवाओं को चरित्र… pic.twitter.com/kC4xV8Sp5C
— Amit Shah (@AmitShah) December 11, 2025
उन्होंने बालासाहब के योगदानों को याद करते हुए आगे लिखा कि संघ की शुरुआत से लेकर उसे एक विशाल संगठन बनाने और देशभर में विस्तार देने में बालासाहब देवरस जी का अमूल्य योगदान रहा. उन्होंने आपातकाल का डटकर मुकाबला किया. वो युवाओं को चरित्र निर्माण और राष्ट्र प्रथम के लिए प्रेरित करते रहे है.
अमित शाह ने आगे कहा कि सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आजीवन संघर्ष करने वाले बालासाहब जी का स्पष्ट मानना था कि यदि दुनिया में अस्पृश्यता पाप नहीं है, तो फिर कुछ भी पाप नहीं है. देश के राष्ट्रीय-सामाजिक जीवन में वे सदैव एक दीपस्तंभ के समान प्रकाशमान रहेंगे.
कौन है बालासाहब देवरस?
बालासाहब देवरस ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संगठन के प्रमुख श्रीगुरू के स्वर्गवास के बाद सरसंघचालक के दायित्व को ग्रहण किया. इस पद पर नियुक्ति होने के बाद वो संघठन के तीसरे प्रमुख के तौर पर सामने आए. उन्होंने 1973 से 1994 तक संगठन का नेतृत्व कर देश में उसके विस्तार को बढ़ाया. वे केवल एक विचारक ही नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी नेता और समाजिक समरसता के प्रतीक रहे हैं.
इसके अलावा, 1975 में लगे अपातकाल में जब संघ पर प्रतिबंध तो इन्होंने संघ को एक नई दिशा दी और एक विशाल सत्याग्रह चलाया. यही नहीं, उन्होंने सामाजिक भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और युवाओं को देश की सेवा के लिए प्रेरित किया.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





