Guru Hargobind Sahib Jyoti Jot Diwas Amit Shah: सिख धर्म के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के ज्योति-जोत दिवस के अवसर पर सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें नमन किया. अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गुरु साहिब के योगदान को याद करते हुए लिखा कि उन्होंने ‘संत-सिपाही’ की अनूठी परंपरा स्थापित कर सिख धर्म को मानवता की रक्षा का एक सशक्त माध्यम बनाया. शाह ने विशेष रूप से गुरु साहिब द्वारा सिखों की सर्वोच्च संस्था ‘अकाल तख्त’ की स्थापना और उनके अजेय साहस का उल्लेख किया, जिसने अत्याचारी शासन के विरुद्ध धर्म की रक्षा की नींव रखी थी.
मुगल बंदीगृह से मुक्ति और एकता का संदेश
अमित शाह ने गुरु हरगोबिंद साहिब जी के उस ऐतिहासिक प्रसंग को भी साझा किया, जिसमें उन्होंने ग्वालियर के किले (मुगल बंदीगृह) से खुद के साथ 52 हिंदू राजाओं को मुक्त कराया था. शाह ने कहा कि गुरु साहिब का यह कदम केवल एक सैन्य विजय नहीं थी बल्कि यह हिंदू-सिख एकता और अन्याय के खिलाफ एकजुट होने का एक कालजयी संदेश था. गृह मंत्री के अनुसार, गुरु साहिब की यह विरासत आज भी भारत के सामाजिक ताने-बाने को मजबूती प्रदान करती है.
ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਦੇ ਛੇਵੇਂ ਗੁਰੂ, ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਨੇ ਸੰਤ-ਸਿਪਾਹੀ ਦੀ ਪਰੰਪਰਾ ਸਥਾਪਿਤ ਕਰਕੇ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਨੂੰ ਮਾਨਵਤਾ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਦਾ ਮਜ਼ਬੂਤ ਮਾਧਿਅਮ ਬਣਾਇਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਕਰਕੇ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਨੂੰ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਬਣਾਇਆ ਅਤੇ ਹਿੰਦੂਆਂ ਨੂੰ ਮੁਗਲ ਕੈਦਖਾਨੇ ਤੋਂ ਮੁਕਤ ਕਰਵਾ ਕੇ ਹਿੰਦੂ-ਸਿੱਖ ਏਕਤਾ… pic.twitter.com/LwVbpspHUd
— Amit Shah (@AmitShah) March 23, 2026
‘अकाल तख्त के माध्यम से किया धर्म को सुदृढ़’
श्रद्धांजलि देते हुए अमित शाह ने कहा कि गुरु साहिब ने सिखों को शस्त्र और शास्त्र, दोनों की शिक्षा देकर उन्हें आत्मरक्षा और धर्म के लिए बलिदान देने हेतु तैयार किया. अकाल तख्त के माध्यम से उन्होंने सिख धर्म को न केवल धार्मिक बल्कि रणनीतिक रूप से भी सुदृढ़ किया.
शाह ने जोर देकर कहा कि गुरु साहिब का जीवन और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य व न्याय के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. ज्योति-जोत दिवस पर पूरा देश गुरु साहिब के उन महान बलिदानों को याद कर रहा है जिन्होंने राष्ट्र और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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