देश के गृह मंत्री Amit Shah ने देश की आजादी की खातिर हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानी चंद्रशेखर आजाद को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. अपने एक खास संदेश में गृह मंत्री ने आजाद जी के अद्वितीय साहस और अदम्य देशभक्ति को याद करते हुए उन्हें देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया.
अमित शाह ने किया ट्वीट
अमित शाह ने लिखा- “महान स्वाधीनता सेनानी, अमर बलिदानी चंद्रशेखर आज़ाद जी की जयंती पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूं. आज़ाद जी ने मातृभूमि की स्वाधीनता को ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य बनाकर अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया. काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत को यह कठोर संदेश दिया कि देश के संसाधनों पर अधिकार केवल देशवासियों का है. उन्होंने क्रांतिकारियों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार की, जिसने विदेशी हुकूमत की नींव हिला दी. उनकी पराक्रम गाथा पढ़कर आज भी रोम-रोम राष्ट्रभक्ति से भर उठता है.”
महान स्वाधीनता सेनानी, अमर बलिदानी चंद्रशेखर आज़ाद जी की जयंती पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूँ।
आज़ाद जी ने मातृभूमि की स्वाधीनता को ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य बनाकर अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत को यह कठोर… pic.twitter.com/HKJmvWU1cX
— Amit Shah (@AmitShah) July 23, 2026
वो नायक जो ताउम्र आजाद ही रहा
बता दें कि 23 जुलाई 1906 को जन्मे चंद्रशेखर आजाद भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वो निडर नायक थे जिन्होंने ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ के जरिए भगत सिंह जैसे युवाओं को एकजुट किया. अंग्रेजों को हर मोर्चे पर चुनौती देने वाले आजाद का एक ही नारा था “आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे.” 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजों से घिरने पर उन्होंने खुद को अंतिम गोली मारकर शहादत चुन ली लेकिन जीते-जी कभी ब्रिटिश हुकूमत के हाथ नहीं आए.
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-भारत एक्सप्रेस
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