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छोटे उद्यमियों के लिए उम्मीद की नई किरण, अमित शाह ने बताया कैसे ‘मुद्रा’ ने बदली करोड़ों भारतीयों की तकदीर

पीएम मुद्रा योजना के 11 साल पूरे: गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कैसे ₹40 लाख करोड़ के लोन ने 12 करोड़ युवाओं को बनाया आत्मनिर्भर. महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को बताया देश की बड़ी ताकत.

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आज यानी 8 अप्रैल को साल 2015 में ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ (PMMY) की शुरुआत हुई थी. आज इस योजना के सफल 11 साल पूरे होने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने योजना की उपलब्धियों का लेखा-जोखा साझा करते हुए इसे ‘नारी शक्ति’ और ‘युवा भारत’ की सबसे बड़ी जीत बताया है.

स्वरोजगार को मिली नई शक्ति

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुद्रा योजना के आंकड़ों और इसके प्रभाव को रेखांकित किया. अमित शाह ने अपने पोस्ट में लिखा, “#11YearsOfMUDRA में मोदी सरकार ने छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार और लघु उद्योग को नई शक्ति दी है.”

गृह मंत्री ने आगे लिखा कि इन 11 वर्षों में इस कल्याणकारी योजना के तहत ₹40 लाख करोड़ से अधिक के 58 करोड़ लोन वितरित किए जा चुके हैं, जिससे 12 करोड़ युवा लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर भारत की निर्माण यात्रा को नई ऊर्जा दे रहे हैं. हर 3 में से 2 मुद्रा ऋण महिलाओं को मिलना नारी शक्ति के स्वावलंबन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है.

बिना गारंटी के ऋण

पहले एक छोटे दुकानदार या नया काम शुरू करने वाले युवा के लिए बैंक से लोन लेना किसी पहाड़ चढ़ने जैसा था. गारंटी और कागजी कार्रवाई के चक्कर में कई सपने दम तोड़ देते थे. लेकिन मुद्रा योजना ने इस दीवार को ढहा दिया. ये ऋण देकर सरकार ने युवाओं के ‘भरोसे’ को अपनी गारंटी माना है.

नारी शक्ति और युवा भारत के पंख

इस योजना की सबसे बड़ी खूबसूरती इसके लाभार्थियों के आंकड़ों में छिपी है. गृह मंत्री ने गर्व से बताया कि हर 3 में से 2 लोन महिलाओं को मिले हैं. इसका सीधा मतलब है कि देश के गावों और छोटे शहरों में रहने वाली महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपना छोटा उद्योग चलाकर पूरे परिवार और अर्थव्यवस्था को सहारा दे रही हैं.

₹40 लाख करोड़ से अधिक की राशि का बाजार में पहुँचना कोई मामूली बात नहीं है. इसने न केवल स्वरोजगार पैदा किया है, बल्कि उन 12 करोड़ युवाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया है जो अब दूसरों को नौकरी देने की काबिलियत रखते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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