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अमित शाह ने टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित लड़कियों के साथ मनाया रक्षाबंधन, 18 साल तक के बच्चों को मिलेगा मुफ्त इंसुलिन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को अहमदाबाद में अपने संसदीय क्षेत्र की टाइप-1 डायबिटीजसे पीड़ित लड़कियों के साथ रक्षाबंधन मनाया. इस मौके पर लड़कियों ने उन्हें राखी बांधी.

अहमदाबाद में रक्षाबंधन का त्योहार इस बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए खास रहा. उन्होंने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र की उन बेटियों के साथ रक्षाबंधन मनाया, जो टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रही हैं. इस दौरान बच्चियों ने अमित शाह की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं.

अमित शाह ने भी बच्चियों को त्योहार की बधाई देते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की. इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं.

अमित शाह ने इस मौके पर टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों की मुश्किलों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस बीमारी से प्रभावित बच्चों को लंबे समय तक, कई मामलों में पूरी जिंदगी इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है. ऐसे में लगातार इलाज का खर्च परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन सकता है.

अमित शाह के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की ओर से ऐसे बच्चों को आजीवन मुफ्त इंसुलिन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने इसे सरकार की सेवा और संवेदनशीलता से जुड़ी पहल बताया.

गृह मंत्री ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था को लेकर कई विकसित देश भी अभी काम कर रहे हैं. उनके मुताबिक, बच्चों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार के ‘सेवा, संवेदना और सुरक्षा’ के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है.

18 साल तक के बच्चों को मिलेगा लाभ

अमित शाह से मिलने वाली ये बच्चियां गांधीनगर संसदीय क्षेत्र में शुरू की गई एक विशेष पहल से जुड़ी हैं. इस योजना का उद्देश्य टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित 18 साल तक की उम्र के बच्चों को मुफ्त इंसुलिन उपलब्ध कराना है.

इस पहल के तहत सिर्फ इंसुलिन देने तक ही व्यवस्था सीमित नहीं रखी गई है. बच्चों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग, बीमारी की जांच, इलाज, इंसुलिन की उपलब्धता, नियमित निगरानी और आगे की देखभाल यानी फॉलो-अप को भी एक ही व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है. इससे बच्चों के इलाज को लगातार जारी रखने और उनकी सेहत पर नजर रखने में मदद मिलेगी.

यह पहल ‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) 2.0’ के तहत बच्चों में डायबिटीज मेलिटस को लेकर 30 अप्रैल को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर शुरू की गई थी. गांधीनगर में तैयार किए गए इस इंटीग्रेटेड सिस्टम का मकसद बच्चों को लंबे समय तक इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि बीमारी के कारण परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कुछ कम हो सके.

देशवासियों को भी दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

इससे पहले अमित शाह ने देशभर के लोगों को रक्षाबंधन की बधाई दी थी. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में भाई-बहन के रिश्ते को प्यार, विश्वास और आपसी जुड़ाव का प्रतीक बताया.

उन्होंने कामना की कि रक्षाबंधन का यह त्योहार सभी लोगों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए. अहमदाबाद में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाने के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य और इलाज से जुड़ी इस पहल को भी सामने रखा.

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-भारत एक्सप्रेस



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