देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत अब नक्सलवाद (माओवाद) के खात्मे के बिल्कुल करीब खड़ा है. आज (सोमवार) को दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस के मौके पर शाह ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि अगले साल यानी 31 मार्च 2026 तक भारत पूरी तरह से माओवादी हिंसा से मुक्त हो जाएगा.
अमित शाह ने दिल्ली की जनता के जरिए पूरे देश को भरोसा दिलाया है. उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा, जो कभी 11 राज्यों में एक नासूर की तरह फैली थी, अब अपने आखिरी दौर में है. शाह के मुताबिक, सरकार ने लक्ष्य तय कर लिया है कि 31 मार्च 2026 तक भारत पूरी तरह से माओवादी हिंसा से मुक्त हो जाएगा. यह उन इलाकों के लिए बहुत बड़ी खबर है जो दशकों से इस लाल आतंक के साये में जी रहे थे.
पूर्वोत्तर में लौट रही है रौनक
सिर्फ माओवाद ही नहीं, पूर्वोत्तर भारत (North-East) की स्थिति पर भी गृह मंत्री ने आंकड़ा पेश किया है. उन्होंने बताया कि अब तक करीब 10,000 से ज्यादा युवा हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं. सरकार ने वहां करीब 20 से ज्यादा शांति समझौते किए हैं, जिसका नतीजा यह है कि वहां की सड़कों पर अब डर नहीं, बल्कि विकास की चर्चा होती है. आने वाले समय की चुनौतियों को लेकर अमित शाह ने साफ किया कि सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठने वाली.
उन्होंने कुछ बड़े लक्ष्यों का जिक्र किया जिन्हें 2029 से पहले पूरा करने की तैयारी है. उन्होंने नशा मुक्त भारत के तहत ड्रग्स के खिलाफ एक बहुत बड़ा और सशक्त अभियान शुरू किया गया है. पूरे देश में सीसीटीवी नेटवर्क और कंट्रोल रूम का जाल बिछाया जाएगा तथा घुसपैठ रोकने के लिए सीमाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है.
इस खास मौके पर अमित शाह ने दिल्ली पुलिस की जमकर तारीफ की है. उन्होंने याद दिलाया कि चाहे संसद पर हमला हो या लाल किले के सामने पैदा हुई कोई भी चुनौती, दिल्ली पुलिस ने हमेशा मुस्तैदी दिखाई है. 1861 में ब्रिटिश काल के दौरान शुरू हुआ यह सफर आज एक ऐसे बल के रूप में तब्दील हो चुका है, जिस पर पूरी राजधानी गर्व करती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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