नई दिल्ली/श्री विजयपुरम: अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा के दूरदर्शी एवं सक्रिय नेतृत्व में द्वीपसमूह के समग्र, समावेशी और सामरिक विकास को नई गति मिलने जा रही है. नई दिल्ली स्थित नीति आयोग में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने केंद्र सरकार के शीर्ष नीति-निर्माताओं और विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के समक्ष द्वीपों की विशिष्ट भौगोलिक आवश्यकताओं और विकास संभावनाओं का एक व्यापक और प्रभावी रोडमैप प्रस्तुत किया.
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. सुब्रह्मण्यम, सीईओ अनुराग जैन, अण्डमान-निकोबार के मुख्य सचिव ज्ञानेश भारती सहित नागरिक उड्डयन, स्वास्थ्य, जल शक्ति, पर्यटन, जहाजरानी, मत्स्य, सड़क परिवहन और विद्युत मंत्रालय के केंद्रीय सचिव गण उपस्थित रहे.
सामरिक केंद्र के रूप में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में द्वीपों की अहम भूमिका
उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने बैठक में पुरजोर तरीके से यह बात रखी कि अण्डमान-निकोबार केवल देश की समुद्री सीमा का हिस्सा भर नहीं है, बल्कि हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति और वैश्विक समुद्री व्यापार का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है. उन्होंने रेखांकित किया कि 8,249 वर्ग किलोमीटर में फैले 31 आबाद द्वीपों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए नीतियों में ‘द्वीप-विशिष्ट’ (Island-Specific) लचीलापन जरूरी है. मुख्यभूमि से सामग्री परिवहन के कारण आने वाली अतिरिक्त लागत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने केंद्रीय योजनाओं के लागत मानकों और पात्रता शर्तों में जरूरी संशोधन करने का दृढ़ आग्रह किया.
हवाई किराए, राष्ट्रीय राजमार्ग और सागरमाला 2.0 पर ठोस पहल
द्वीपवासियों और पर्यटकों की सहूलियत को प्राथमिकता देते हुए डॉ. शर्मा ने उड़ानों की घटती आवृत्ति और बढ़े हुए हवाई किरायों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-4 (NH-4) के उन्नयन, मिडिल स्ट्रेट ब्रिज के निर्माण में तेजी लाने, और सागरमाला 2.0 के तहत 13 जेट्टियों के पुनर्निर्माण के साथ-साथ नियमित मालवाहक जहाज सेवाओं को सुदृढ़ करने पर बल दिया. इसके अलावा ग्रेट निकोबार में प्रस्तावित राष्ट्रीय महत्व की वृहद परियोजनाओं को गति देने पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ.
ब्लू इकोनॉमी, स्वास्थ्य और पर्यटन को विश्वस्तरीय बनाने का खाका
द्वीपों की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए उपराज्यपाल ने गहरे समुद्र में टूना मत्स्य संसाधनों के दोहन, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और सी-फूड निर्यात क्षमता के विस्तार का खाका रखा. साथ ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, वाइपर द्वीप और स्वराज द्वीप में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजनाएं सामने रखीं. जनहित के मुद्दों पर उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत पुरानी पाइपलाइनों को बदलने, 265 गांवों में जलापूर्ति सुधारने, ANIIMS में नए फैकल्टी व डॉक्टरों के पदों के सृजन और एमआरआई सुविधा के विस्तार की पुरजोर पैरवी की.
उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य अण्डमान-निकोबार को सामरिक, आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से आत्मनिर्भर व सुदृढ़ बनाना है, ताकि यह क्षेत्र प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय संकल्प का सशक्त आधार स्तंभ बन सके.
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