Bharat Express DD Free Dish

अनिल अंबानी की बढ़ी टेंशन, 17000 करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में उठे कई बड़े सवाल, ED के सामने होगी पेशी

Anil Ambani Loan Fraud Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित 17,000 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले की चल रही जांच के तहत अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए तलब किया है. उन्हें आज दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है.

Anil Ambani Loan Fraud Case

Anil Ambani Loan Fraud Case: रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर आ चुके हैं. 17,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने अनिल अंबानी से आज यानी मंगलवार को लंबी पूछताछ शुरू की. उन्हें 1 अगस्त को समन भेजकर 6 अगस्त को नई दिल्ली दफ्तर में पेश होने का निर्देश दिया गया था. मुंबई से दिल्ली पहुंचकर अनिल अंबानी सुबह ही ईडी दफ्तर में हाजिर हो गए. पूछताछ की कमान असिस्टेंट डायरेक्टर रैंक के अधिकारी के हाथ में है, जबकि ऊपर से पूरे मामले की निगरानी डिप्टी और जॉइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी कर रहे हैं.

35 ठिकानों पर छापे, डिजिटल सबूत जब्त

कुछ दिन पहले ही ईडी ने रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों और व्यक्तियों के 35 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. दिल्ली और मुंबई में चली इस कार्रवाई में दस्तावेजों से लेकर कंप्यूटर हार्ड ड्राइव और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए. एजेंसी ने देश के कई बड़े बैंकों से भी जानकारी मांगी है—जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस को दिए गए लोन की डिटेल्स शामिल हैं. इनमें एसबीआई, एक्सिस, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, यूको और पंजाब एंड सिंध बैंक जैसे नाम शामिल हैं.

येस बैंक से जुड़ी संदिग्ध डील और 14,000 करोड़ का खुलासा

ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि 2017 से 2019 के बीच येस बैंक ने अनिल अंबानी की कंपनियों को 3,000 करोड़ रुपये के संदिग्ध लोन ट्रांसफर किए. आगे की पड़ताल में ये आंकड़ा 14,000 करोड़ से ज्यादा का निकला, जो रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़ा है.

बैंक गारंटी घोटाले में पहली गिरफ्तारी

1 अगस्त को इस केस में ईडी ने पहली गिरफ्तारी भी की. बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के एमडी पार्थ सारथी बिस्वाल को फर्जी बैंक गारंटी (68.2 करोड़ रुपये) देने के आरोप में पकड़ा गया. ये गारंटी रिलायंस पावर की ओर से दी गई थी. अब अनिल अंबानी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी हो चुका है.

शेयर बाजार में रिलायंस ग्रुप को तगड़ा झटका

जांच की खबरों के बाद अनिल अंबानी की कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए हैं. रिलायंस पावर पिछले 5 दिनों में 11% से ज्यादा टूट चुका है, जबकि रिलायंस इंफ्रा के शेयर में भी करीब 10% की गिरावट आई है. सेबी ने RHFL यानी रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों की रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का कॉरपोरेट लोन पोर्टफोलियो एक साल में दोगुना हो गया था. वहीं एसबीआई ने अनिल अंबानी और उनकी कंपनी RCom को “फ्रॉड अकाउंट” के रूप में चिन्हित किया है.

क्या है आरोपों की असल जड़?

ईडी के सूत्रों की मानें तो अनिल अंबानी की कंपनियों को दिए गए लोन सीधे तौर पर येस बैंक के प्रमोटरों तक पहुंचे. यानी लोन के बदले में रिश्वत जैसे हालात बने. जांच में ये भी सामने आया कि एक ही डायरेक्टर और एक ही पते पर कई कंपनियों को लोन दिए गए, जरूरी दस्तावेज नदारद थे, और कुछ कंपनियां महज शेल कंपनियां थीं.

क्या कहती हैं अनिल अंबानी की कंपनियां?

रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने 26 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी देते हुए कहा कि ईडी की कार्रवाई का उनके बिजनेस या स्टेकहोल्डर्स पर कोई असर नहीं पड़ा है. हालांकि, शेयर बाजार की तस्वीर कुछ और ही कह रही है.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read