देश की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अंडमान और निकोबार कमांड ने एक अनूठी और प्रेरणादायी पहल के तहत ‘आराेहण : द्वीप से दिल्ली’ नामक सात दिवसीय शैक्षिक व सांस्कृतिक भ्रमण का आयोजन किया है. इस दल में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले 30 मेधावी विद्यार्थी शामिल हैं, जिन्हें शिक्षा निदेशालय द्वारा तीनों ज़िलों- उत्तर अंडमान (दिगलीपुर, मयाबंदर, बराटांग), दक्षिण अंडमान (श्री विजयपुरम) और निकोबार समूह (कार निकोबार, कामोर्टा, कैम्पबेल बे) से चुना गया है. विशेष बात यह है कि चयन में लैंगिक समानता को ध्यान में रखते हुए 15 बालक और 15 बालिकाएं शामिल हैं.
रेल और मेट्रो यात्रा का रोमांच
इन दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए यह पहली बार विमान, रेल और मेट्रो की यात्रा का अवसर है. 12 अगस्त 2025 को श्री विजयपुरम से दिल्ली पहुंचे ये विद्यार्थी 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का अनुभव लेने आए. हवाई यात्रा का प्रायोजन नारसी एंड एसोसिएट्स तथा किट का प्रायोजन एनएमडीसी ने किया.
आधुनिक स्थलों का अनूठा मिश्रण
कार्यक्रम में ऐतिहासिक और आधुनिक स्थलों का मिश्रण है- लाल किला, इंडिया गेट, नेशनल वॉर मेमोरियल, जंतर मंतर, कुतुब मीनार, ताजमहल और आगरा किला जैसी धरोहरें, साथ ही अंबियंस मॉल, दिल्ली हाट और कनॉट प्लेस जैसी आधुनिक झलकियां. सबसे विशेष अनुभव रहा प्रधानमंत्री का लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन सुनना.
राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित
विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट की और 14 अगस्त को रक्षा मंत्री से मुलाकात में अपने द्वीपों की संस्कृति साझा की. रक्षा मंत्री ने मानवीय मूल्यों और चरित्र निर्माण पर बल देते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित किया.
यह यात्रा न केवल ज्ञानवर्धक है बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में एक अमूल्य पड़ाव के रूप में हमेशा याद रखी जाएगी, जो उन्हें भारत की सांस्कृतिक विविधता, प्रगति और एकता से गहराई से जोड़ेगी.
भारत एक्सप्रेस
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