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असम को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से की मुलाकात

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य की ऊर्जा जरूरतों, बिजली वितरण व्यवस्था और शहरी विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को केंद्रीय ऊर्जा तथा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की. दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास पर हुई इस बैठक में असम की बढ़ती बिजली जरूरतों, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने और राज्य के शहरी ढांचे को बेहतर बनाने जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई.

बैठक में मुख्यमंत्री सरमा ने असम की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को लेकर राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी. उन्होंने बिजली क्षेत्र में ऐसे सुधारों की जरूरत पर भी जोर दिया, जिनसे आम उपभोक्ताओं को बेहतर और भरोसेमंद बिजली मिल सके.

मुख्यमंत्री ने राज्य की आने वाले वर्षों की बिजली जरूरतों को देखते हुए केंद्रीय उत्पादन केंद्रों से मिलने वाली बिजली के आवंटन का बेहतर और तर्कसंगत इस्तेमाल सुनिश्चित करने से जुड़े मुद्दे भी उठाए. असम में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और ऐसे में भविष्य की जरूरतों के हिसाब से व्यवस्था तैयार करना राज्य सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है.

गुवाहाटी के बिजली नेटवर्क को मजबूत करने की तैयारी

बैठक में गुवाहाटी के बिजली वितरण नेटवर्क को और मजबूत करने पर भी खास चर्चा हुई. शहर में बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए भूमिगत केबलिंग के प्रस्ताव पर विचार किया गया.

भूमिगत बिजली लाइनें लगाने से खुले तारों से जुड़े जोखिम कम करने, बिजली व्यवस्था की सुरक्षा बढ़ाने और शहर के समग्र बिजली ढांचे को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. तेजी से फैल रहे गुवाहाटी जैसे शहर के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

गैस आधारित बिजली उत्पादन पर भी चर्चा

दोनों नेताओं के बीच प्राकृतिक गैस के बेहतर इस्तेमाल का मुद्दा भी उठा. खास तौर पर गैस आधारित बिजली संयंत्रों के लिए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता और उसकी कीमत से जुड़े सवालों पर बातचीत हुई. असम में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करके बिजली उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई.

बैठक में असम के अर्बन चैलेंज फंड (UCF) से जुड़े प्रस्ताव पर भी सकारात्मक बातचीत हुई. राज्य सरकार बढ़ते शहरीकरण और बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसे एकीकृत शहरी क्षेत्र के विकास पर जोर दे रही है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं, खेल सुविधाओं और जलवायु के बदलते प्रभावों को ध्यान में रखकर मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार किया जाए.

मुख्यमंत्री सरमा ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि असम ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए महत्वाकांक्षी कदम उठा रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से इन प्रयासों में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया गया है. उन्होंने अर्बन चैलेंज फंड के तहत राज्य के प्रस्ताव पर हुई बातचीत को भी सकारात्मक बताया.

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी X पर बैठक की जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि असम से जुड़े ऊर्जा और शहरी विकास के महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई. इनमें राज्य की दीर्घकालिक बिजली जरूरतें, केंद्रीय बिजली उत्पादन केंद्रों से मिलने वाली बिजली का बेहतर उपयोग, गुवाहाटी में भूमिगत केबलिंग और गैस आधारित बिजली उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता व कीमत जैसे मुद्दे शामिल रहे.

मनोहर लाल ने कहा कि असम के बढ़ते शहरीकरण और विकास की जरूरतों को देखते हुए अर्बन चैलेंज फंड के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया. उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से राज्य को हर संभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई.

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-भारत एक्सप्रेस



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