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Axiom-4 मिशन एक बार फिर टला, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भरने वाले थे उड़ान, SpaceX ने बताई इसके पीछे की वजह

Axiom-4 मिशन में भारत के अलावा पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं. शुभांशु शुक्ला को यह अवसर वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान मिला था.

Axiom-4

Axiom-4 मिशन फिर स्थगित किया गया.

Axiom-4 Mission Postponed: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए प्रस्तावित Axiom-4 मिशन एक बार फिर स्थगित कर दिया गया है. इस मिशन के अंतर्गत भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंतरिक्ष में भेजा जाना था. लेकिन लॉन्च से पहले हुए ‘स्टैटिक फायर टेस्ट’ के बाद रॉकेट के बूस्टर में लिक्विड ऑक्सीजन (LOx) के रिसाव का पता चलने के बाद मिशन को रोकने का निर्णय लिया गया.

स्पेसएक्स खराबी को ठीक करने में जुटा

स्पेसएक्स ने इस देरी की पुष्टि करते हुए बताया कि कंपनी की टीमें इस रिसाव को ठीक करने का कार्य कर रही हैं. X (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में स्पेसएक्स ने कहा, “Ax-4 मिशन के लिए फाल्कन 9 रॉकेट का कल होने वाला लॉन्च स्थगित किया जा रहा है ताकि LOx रिसाव को ठीक किया जा सके. मरम्मत पूरी होने और रेंज की उपलब्धता के आधार पर नई लॉन्च तिथि साझा की जाएगी.”

चौथी बार टला Axiom-4

यह चौथी बार है जब Axiom-4 मिशन को टालना पड़ा है. इससे पहले मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण भी मिशन में देरी की गई थी. तेज हवाएं और बारिश की संभावना इसके पीछे प्रमुख कारण थीं.

Axiom-4 मिशन में भारत के अलावा पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं. शुभांशु शुक्ला को यह अवसर वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान मिला था. यह मिशन भारत और अमेरिका के बीच गहराते अंतरिक्ष सहयोग का प्रतीक है. शुभांशु ने इस मिशन के लिए स्पेसएक्स और Axiom Space से विशेष अंतरिक्ष प्रशिक्षण प्राप्त किया है.

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मिशन के लॉन्च के बाद अंतरिक्ष यात्री करीब 14 दिनों तक ISS पर रहेंगे, जहां वे माइक्रोग्रैविटी, जीवन विज्ञान, और मैटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान करेंगे. यह शोध कार्य 30 से अधिक देशों के वैज्ञानिकों के सहयोग से किया जाएगा.



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