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Ayodhya Ram Mandir: राज्यवार भक्तों को कराए जाएंगे रामलला के दर्शन, हिंदी न समझ पाने वालों को मिलेंगे भाषा मित्र

भगवान राम की नगरी अयोध्या में लगातार मंदिर निर्माण का कार्य जारी है. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भी भक्तों में उत्साह साफ देखा जा रहा है.

निर्माणाधीन राम मंदिर फोटो-ट्विटर

Rakesh Kumar Edited by Rakesh Kumar

Ayodhya Ram Mandir: भगवान राम की नगरी अयोध्या में लगातार मंदिर निर्माण का कार्य जारी है और पहले चरण का काम अपना अंतिम आकार ले रहा है.  इसी के साथ ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भी भक्तों में उत्साह साफ देखा जा रहा है. इसी बीच खबर सामने आ रही है कि पूरे देश के हर राज्य के भक्तों के साथ ही देश-विदेश के भक्तों को राम लला के दर्शन कराने को लेकर अभियान चलाया जाएगा. भक्तों को गणतंत्र दिवस से लेकर फरवरी अंत तक दर्शन कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है. देश के सभी राज्यों के भक्तों को तिथि वार दर्शन कराने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए अलग-अलग तिथि पर राज्यों को दर्शन के लिए आमंत्रित किया जाएगा. विदेश में रहने वाले भारतीयों को भी तिथिवार दर्शन कराने की योजना पर चर्चा जारी है. तो इसी के साथ अगर किसी भी राज्य के भक्त को हिंदी समझ में नहीं आएगी तो उनको भाषा मित्र उपलब्ध कराए जाएंगे.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि 16 जनवरी से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समारोह शुरू होगा और अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी. चुकी प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन वीआईपी प्रोटोकॉल रहेगा, इसलिए आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक रहेगी. इस वजह से देश-विदेश के भक्तों को अलग अलग तिथियों में रामलला के दर्शन कराने की योजना को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट काम कर रहा है. उन्होंने आगे बताया कि देश भर के राम भक्तों को दर्शन कराने के लिए विहिप के कार्यकर्ता हर राज्य के भक्तों से संपर्क साधने में जुटे हुए हैं. भक्तों की सुविधा के अनुसार तिथि तय की जाएगी. जैसे एक दिन गुजरात तो एक दिन महाराष्ट्र और फिर एक दिन राजस्थान, कर्नाटक और दिल्ली के भक्तों को दर्शन कराया जाएगा. ताकि किसी भी राज्य के भक्तों को किसी भी दशा में समस्या का सामना न करना पड़े.

फरवरी के दूसरे सप्ताह में कराया जाएगा दर्शन

अनिल मिश्र ने जानकारी दी कि जिन देशों में विहिप काम कर रही है, वहां के भारतीय मूल के भक्तों को रामलला के दर्शन कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. फरवरी के दूसरे सप्ताह से दर्शन कराने का अभियान इन भक्तों के लिए शुरू किया जाएगा. डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि 16 जनवरी से 24 जनवरी तक ही प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान होगा. उसके बाद कोई अनुष्ठान होगा या नहीं इसको लेकर ट्रस्ट बाद में तय करेगा, फिलहाल अभी कुछ तय नहीं किया गया है.

भाषा मित्र करेंगे सहयोग

बता दें कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान या फिर बाद में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले भक्तों को भाषा की समस्या नहीं होगी, क्योंकि उनको उनकी ही भाषा में सारी जानकारी देने के लिए भाषा मित्रों की व्यवस्था की जाएगी. बता दें कि अक्सर देखा गया है कि, किसी भी पर्यटक स्थल या प्रसिद्ध धर्मस्थल पर कोई जाता है तो उसे भाषाई समस्या का सामना करना पड़ता है, लेकिन राम लला के दरबार में ऐसा नहीं होगा. यहां पर हर भाषा के व्यक्ति की मदद के लिए भाषा मित्र तैनात किए जाएंगे. इसकी पहल भारत भारती नामक संस्था ने की है.

भाषा मित्र को लेकर ये रहेगी व्यवस्था

भारत भारती संस्था के प्रमुख पार्थ सारथी मिश्र ने इस योजना के बारे में जानकारी दी कि, 22 जनवरी को राम लला के प्राण- प्रतिष्ठा समारोह के बाद देश के विभिन्न प्रांतों से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाएगी. इसमें दक्षिण भारत के अन्य प्रांतों के भी भक्त शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि इन प्रांतों से आने वाले भक्तों को उनके राज्य की भाषा के अलावा कोई अन्य भाषा विशेषकर हिंदी समझ में नहीं आती है. इसलिए ऐसे भक्तों का सहयोग करने के लिए संस्था की ओर से अयोध्या प्रवास के दौरान भाषा मित्र उपलब्ध कराए जाने की योजना बनाई गई है.

जल्द जारी होगी हेल्पलाइन नम्बर

संस्था के अयोध्या प्रमुख अमित कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि, 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है. इसको देखते हुए देश के विभिन्न प्रांतों से अतिथि आएंगे. इस पर किसी भी अतिथि को भाषा के सम्बंध में समस्या न हो. इसके लिए संस्था इस समारोह में आने वाले अतिथियों को भी भाषा मित्र का सहयोग प्रदान करेगी. समारोह के बाद भी यह व्यवस्था अनवरत प्रभावी रहेगी. उन्होंने योजना के बारे में आगे जानकारी दी और बताया कि संस्था के भाषा मित्र विभिन्न प्रांत से आए लोगों के संपर्क में रहेंगे और यहां पर उन्हें किसी भी तरह की समस्या होने पर उनसे उनकी भाषा में बात कर तुरंत उनकी समस्या का समाधान करेंगे. तो वहीं लोगों के सहयोग के लिए जल्द ही भाषा मित्र का हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जाने की योजना बनाई गई है.

-भारत एक्सप्रेस



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