karnataka Doctor Suicide
karnataka Doctor Suicide: फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित एक जाने-माने डॉक्टर ने शुक्रवार को बेलगावी शहर में अपने घर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.
मृतक की पहचान डॉ. दिनेश भटकल के रूप में हुई है. उन्होंने केएलई संस्थान के साथ 40 वर्षों तक काम किया था. पुलिस के अनुसार, दिनेश केएलई संस्थान द्वारा संचालित अस्पताल में प्रशासक के रूप में कार्यरत थे.
दिनेश मूल रूप से कारवार जिले के अंकोला शहर के रहने वाले थे और हाल ही में बेलगावी आकर बस गए थे. वह केएलई अस्पताल में फेफड़ों के कैंसर का इलाज करवा रहे थे.
बीमारी के चलते थे परेशान
पुलिस ने बताया कि डॉक्टर सुबह अपने घर की गैलरी में गए और अपने सिर में गोली मार ली. पुलिस को संदेह है कि बीमारी के कारण होने वाले असहनीय दर्द को न सह पाने के कारण उन्होंने यह चरम कदम उठाया.
पुलिस ने आगे बताया कि डॉक्टर ने केएलई के मानद कार्यकारी अध्यक्ष प्रभाकर कोरे और डॉ. केरूर, जो उनका इलाज कर रहे थे, को व्हाट्सअप पर संदेश भेजे थे.
परिवार को भेजा संदेश
प्रभाकर कोरे को भेजे अपने संदेश में उन्होंने कथित तौर पर लिखा था कि आपने इन सभी वर्षों में मेरी मदद की है. हालांकि, मैं बहुत ज्यादा दर्द से गुजर रहा हूं और इन परिस्थितियों में मैंने यह कठिन निर्णय लिया है. यह मेरा निजी निर्णय है. कृपया मेरे परिवार की मदद करें और शहर के पुलिस आयुक्त को भी सूचित करें.
चार महीने पहले उन्हें फेफड़ों का कैंसर होने का पता चला था. वह अक्सर अपने दोस्तों के साथ अपनी तकलीफों के बारे में बात करते थे. पुलिस ने वे मैसेज बरामद कर लिए हैं और मामले की जांच कर रही है.
गौरतलब है कि बसावा लेआउट की रहने वाली 23 साल की आयुर्वेदिक डॉक्टर, डॉ. एमयू निकिता ने 26 अप्रैल को चित्रदुर्ग जिले के होलालकेरे में आत्महत्या कर ली थी. वह एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर के साथ अपने नाम को जोड़ने वाली अफवाहों से काफी परेशान थीं.
अफेयर के अफवाहों से भी थे परेशान
उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके दोस्त और प्रोफेसर की पत्नी, प्रोफेसर के साथ उनके कथित रिश्ते को लेकर फैली अफवाहों के चलते उन्हें परेशान कर रहे थे.
एक और चौंकाने वाली घटना में, कारवार जिले के एक डॉक्टर ने कथित तौर पर जनवरी 2026 में अपने घर पर ही एक दो-नाली वाली बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि एक बिना पुष्टि वाले वायरल वीडियो को लेकर ऑनलाइन आलोचना का सामना करने के बाद वह मानसिक तनाव में थे.
ये भी पढ़ें- नागौर में बजरी माफिया का खौफनाक तांडव, युवक को 15 किमी तक घसीटा, 0177 गैंग का आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, उस वीडियो में डॉक्टर पर एक मरीज को एक्सपायर्ड दवा देने का आरोप लगाया गया था. हालांकि, इस आरोप की कोई पुष्टि नहीं हुई थी. इसके बावजूद, वह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया और कई लोगों ने ऑनलाइन डॉक्टर की आलोचना की और उन्हें बुरा-भला कहा, जिसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


