Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले (आरा) में सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी के कथित ‘एनकाउंटर’ ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है. एक ऐसा वायरल वीडियो जिसने पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दीं, और एक मां का वो खौफनाक आरोप जिसने खाकी वर्दी पर ‘हत्या’ का दाग लगा दिया. इस मामले में पुलिस बैकफुट पर है, अफसरों पर FIR दर्ज हो चुकी है और आज (24 जून) शाहपुर के बिलौटी गांव में एक ऐसी ‘महापंचायत’ होने जा रही है, जो बिहार की राजनीति में नया भूचाल ला सकती है.
क्या है 178/26 FIR का वो खौफनाक सच? (FIR On Bharat Tiwari Encounter)
घटना के पूरे 6 दिन बाद, पुलिस को भारी जन-आक्रोश के आगे झुकना पड़ा और हत्या की प्राथमिकी दर्ज करनी पड़ी. कांड संख्या 178/26 के तहत बीएनएस की धारा 103 (1)(5) और आर्म्स एक्ट के तहत यह केस दर्ज हुआ है. भरत तिवारी की मां ने अपने आवेदन में रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए हैं.
- साजिश का आरोप: भरत को जवइनिया कटाव पीड़ित विस्थापितों की समस्या जानने के बहाने धोखे से बुलाया गया.
- 5 गोलियों का आदेश: आरोप है कि जगदीशपुर के SDPO राजेश शर्मा के प्रत्यक्ष आदेश पर उनके बेटे को 5 गोलियां मार दी गईं.
- इस एफआईआर में SDPO राजेश शर्मा और शाहपुर के निलंबित इंस्पेक्टर राजेश मालाकार समेत कई पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया है.
सरेंडर के बाद सीने में उतरी गोली? (Bhojpur Mahapanchayat For Bharat Tiwari)
विवाद की असली जड़ 16 और 17 जून का वो घटनाक्रम है. 16 जून की शाम भरत का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस उनके घर गई. पुलिस का दावा है कि 17 जून की सुबह भरत ने फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई (एनकाउंटर) में वो मारे गए. लेकिन, कहानी तब पलट गई जब एक और ‘कथित एनकाउंटर का वीडियो’ वायरल हुआ. परिजनों का सीधा दावा है कि भरत पुलिस के सामने ‘सरेंडर’ कर चुके थे, फिर भी उन्हें सरेआम गोलियों से भून दिया गया.
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बिलौटी में ‘महापंचायत’, PK की एंट्री (Prashant Kishor In Mahapanchayat For Bharat Tiwari)
इस ‘फर्जी’ एनकाउंटर के खिलाफ आज 24 जून को दोपहर 12 बजे से बिलौटी गांव के प्राचीन कुंडवा शिव मंदिर परिसर में सर्व समाज की महापंचायत का शंखनाद हो चुका है. NH-922 फोरलेन के पास होने के कारण इस पंचायत में उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों से भारी भीड़ जुट रही है. इस आंदोलन को सबसे बड़ी धार देने के लिए ‘जन सुराज’ के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) भी आज भोजपुर पहुंच रहे हैं और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे.
आर-पार की होगी लड़ाई (Bharat Tiwari Encounter Case Update)
आयोजकों ने साफ कर दिया है कि जब तक इस ‘हत्याकांड’ की उच्चस्तरीय जांच नहीं होती और पुलिस अफसरों को जेल नहीं भेजा जाता, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है. आज की महापंचायत सिर्फ एक श्रद्धांजलि सभा नहीं है, बल्कि पुलिस-प्रशासन के खिलाफ एक खुली चुनौती है. अब देखना यह है कि प्रशांत किशोर की एंट्री और इस महापंचायत के बाद नीतीश सरकार इस मामले में क्या नया एक्शन लेती है.
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