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Bharat Tiwari Encounter: थानेदार नहीं… तो फिर कौन? भरत तिवारी को पहली गोली मारने वाले ‘सीक्रेट मैन’ का नाम आया सामने, हाईकोर्ट पहुंचा केस

Bharat Tiwari Encounter Update: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा था कि भरत तिवारी पुलिस के सामने सरेंडर कर चुका था. इसके बावजूद STF जवान अक्षय कुमार ने उस पर पहली गोली चला दी. परिजनों का आरोप है कि यह एक सुनियोजित फर्जी एनकाउंटर है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी ही चाहिए.

Bharat Tiwari Encounter

Bharat Tiwari Encounter Update: : बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. स्थानीय पुलिस पर लग रहे आरोपों के बीच अब यह साफ हो गया है कि भरत तिवारी को पहली गोली शाहपुर पुलिस ने नहीं, बल्कि एसटीएफ (STF) के एक जवान ने मारी थी. इस बीच, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है (Bihar Police Encounter).

भोजपुर के शाहपुर में हुए भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले में एक यूट्यूब चैनल से हुई पुलिसकर्मियों की बातचीत के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. परिजनों के दावों के उलट, पहली गोली STF के सिपाही अक्षय कुमार ने चलाई थी. जवईनिया के विस्थापितों की लड़ाई लड़ रहे भरत तिवारी की मौत के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट और अब पटना हाईकोर्ट पहुंच गया है. हाईकोर्ट में दायर PIL में वायरल वीडियो का हवाला देकर इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए स्वतंत्र जांच और आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई है.

भरत तिवारी एनकाउंटर में बड़ा खुलासा

भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर में बड़ा खुलासा हुआ है. वायरल वीडियो और पुलिसिया बातचीत के अनुसार, सरेंडर के बाद शाहपुर पुलिस ने नहीं, बल्कि STF के सिपाही अक्षय कुमार ने भरत तिवारी पर पहली गोली चलाई, जो उसकी जांघ में लगी (Bharat Tiwari Encounter).

पटना हाईकोर्ट में (PIL Bhojpur Police Encounter)

स्थानीय चश्मदीदों ने तीन बार फायरिंग की आवाज सुनने का दावा किया है, जबकि मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे चार गोलियां मारीं. अधिवक्ता मुकेश कुमार ने पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर कर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय की पीठ से इस मामले की तत्काल और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है (Patna High Court PIL).

फर्जी एनकाउंटर का आरोप

याचिका और परिजनों के अनुसार, सोशल मीडिया वीडियो में भरत को पुलिस के सामने सरेंडर करते और निहत्था देखा गया था, जिससे पुलिस की ‘मुठभेड़’ की थ्योरी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. इसके अलावा, प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने का भी विरोध किया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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