Maternal Safety Rajasthan:राजस्थान/धीरज कुमार शर्मा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहा महात्मा गांधी सरकारी अस्पताल में मात्र 6 दिनों के भीतर 5 प्रसूताओं की मौत हो गई. सिजेरियन ऑपरेशन के बाद हुई इन मौतों ने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (OT) के संक्रमण नियंत्रण और दवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद राज्य सरकार ने हाई लेवल जांच के आदेश दिए हैं.
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 6 दिन में 5 प्रसूताओं की मौत से हड़कंप मच गया है. मौतों का कारण सेप्सिस (संक्रमण) और ब्लड प्रेशर गिरना बताया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की हाई लेवल कमेटी दवाओं और ओटी (OT) संक्रमण की जांच कर रही है. एहतियात के तौर पर ऑपरेशन थिएटर को बंद कर दिया गया है और पूरे राज्य के अस्पतालों में अलर्ट जारी किया गया है.
क्या है पूरा मामला? (Mahatma Gandhi Hospital Bhilwara)
राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में सिजेरियन (सी-सेक्शन) डिलीवरी के बाद 6 दिनों में 5 प्रसूताओं की मौत से हड़कंप मच गया है. सभी महिलाओं के ऑपरेशन के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी, जिसमें तेज बुखार, शरीर में गंभीर संक्रमण (सेप्सिस), ब्लड प्रेशर गिरना और मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसे घातक लक्षण देखे गए.
इस दिल दहला देने वाली घटना ने सरकारी अस्पतालों की प्रसूति सेवाओं, ओटी (OT) व्यवस्था और दवाओं की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा ऑपरेशन थिएटर में फैले संक्रमण (OT Infection), दूषित जीवन रक्षक दवाओं/इंजेक्शन (जैसे ऑक्सीटोसिन) या स्टरलाइजेशन में लापरवाही के कारण हुआ है.
अस्पतालों में अलर्ट जारी कर समीक्षा शुरू कर दी (C-section infection Bhilwara)
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हाई लेवल जांच कमेटी का गठन किया है. एहतियात के तौर पर अस्पताल के ओटी को अस्थाई रूप से बंद कर सैनिटाइज किया गया है और दवाओं के सैंपल लैब भेजे गए हैं. इस घटना का असर पूरे राज्य में है सरकार ने कोटा, बीकानेर और जोधपुर के अस्पतालों में भी अलर्ट जारी कर समीक्षा शुरू कर दी है. फिलहाल, मौतों के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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