Twisha Sharma Death Case: भोपाल की ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की 636 पन्नों की चार्जशीट सामने आई है. इसमें आरोप लगाया गया है कि ट्विशा को उसके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह लगातार मानसिक रूप से परेशान करते थे. चार्जशीट के मुताबिक, दोनों उसे गंदी गालियां देते और उसके पुराने रिश्तों को लेकर अपमानजनक बातें करते थे.
शादी के बाद शुरू हुआ विवाद
जांच में सामने आया कि शादी के बाद जब ट्विशा ने समर्थ को अपने अतीत के बारे में बताया, तभी से वह उसे ताने देने लगा. मार्च 2026 में जब ट्विशा के पिता को हार्ट अटैक आया, उस समय वह पहले से ही मानसिक तनाव में थी. इसी वजह से वह कुछ समय के लिए नोएडा चली गई थी, लेकिन 24 मार्च को फिर भोपाल लौट आई.
प्रेग्नेंसी को लेकर असमंजस
सीबीआई रिपोर्ट बताती है कि ट्विशा गर्भधारण को लेकर उलझन में थी. 16 अप्रैल को उसे पता चला कि वह प्रेग्नेंट है और अगले दिन अस्पताल जाकर इसकी पुष्टि भी हुई. वह बच्चे को रखने या न रखने के फैसले के लिए समय चाहती थी, लेकिन इसी बात पर पति‑पत्नी में तीखा विवाद हुआ.
घर से निकाले जाने का आरोप
चार्जशीट में कहा गया है कि 17 अप्रैल को हुए झगड़े के दौरान ट्विशा को गालियां दी गईं और घर से निकाल दिया गया. इसके बाद वह नसीराबाद चली गई और 19 अप्रैल को अपने माता‑पिता को सब कुछ बताया. उसने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह रोज उससे पीरियड्स के बारे में पूछती थीं और समर्थ ड्रग्स का आदी है.
पैसों को लेकर दबाव
जांच में यह भी सामने आया कि समर्थ और गिरिबाला ने ट्विशा पर 20 लाख रुपए के शेयर देने का दबाव बनाया. उसे बैंक भी ले जाया गया, लेकिन ट्विशा ने पैसे ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह उसके पिता का पैसा है.
नौकरी छोड़ने पर ताने
चार्जशीट में दर्ज है कि नौकरी छोड़ने के बाद समर्थ उसे ताने देता था और कहता था कि उसे अंग्रेजी बोलनी नहीं आती. वहीं गिरिबाला सिंह उसके परिवार से भी पुराने रिश्तों को लेकर आपत्तिजनक बातें करती थीं.
माता‑पिता का हस्तक्षेप
23 अप्रैल को ट्विशा के माता‑पिता भोपाल आए और गिरिबाला से इस तरह की बातों पर सवाल किया. उसी समय समर्थ बेंगलुरु कॉलेज रीयूनियन के लिए जा रहा था, लेकिन ट्विशा ने प्रेग्नेंसी का हवाला देकर उसके साथ जाने से इनकार कर दिया. इसके बाद वह नोएडा चली गई और नौकरी की तलाश शुरू कर दी.
अस्पताल में फैसले
30 अप्रैल को ट्विशा और समर्थ बंसल अस्पताल पहुंचे. वहां डॉक्टर ने उन्हें 10 दिन की दवा दी और कहा कि बाद में बताएं कि बच्चा रखना है या नहीं. 6 मई को दोनों फिर अस्पताल गए और समर्थ ने डॉक्टर से कहा कि बच्चा नहीं रखना है. उसी दिन ट्विशा को नौकरी का ऑफर मिला, जिसे उसने स्वीकार कर लिया.
मां को भेजा मैसेज
6 मई की रात ट्विशा ने अपनी मां को मैसेज किया कि वह उसे लेकर चली जाए. चार्जशीट में लिखा है कि समर्थ ने उससे कहा था कि अब वह उसे और नहीं झेल सकता. 7 मई को ट्विशा ने डॉक्टर से गर्भपात की मांग की, लेकिन डॉक्टर ने बताया कि उस स्टेज पर अबॉर्शन संभव नहीं है.
अबॉर्शन और विवाद
चार्जशीट के मुताबिक, 8 मई तक ट्विशा का गर्भपात हो गया था. इसके बाद उसने अपनी मां से कहा कि समर्थ उससे पूछ रहा है कि बच्चा किसका है. आरोप है कि वह लगातार ट्विशा से बच्चे के पिता को लेकर सवाल करता था.
12 मई की घटना
12 मई को पति‑पत्नी के बीच फिर विवाद हुआ. ट्विशा ने अपनी मां को फोन किया और रोते हुए बताया कि उसे गालियां दी जा रही हैं. मां ने गिरिबाला को फोन किया, लेकिन ट्विशा ने कॉल रिसीव नहीं किया. इसके बाद गिरिबाला और समर्थ ऊपर गए.
CCTV फुटेज और मौत
सीबीआई चार्जशीट में लिखा है कि CCTV फुटेज में समर्थ को ट्विशा के शव को सीढ़ियों से नीचे लाते हुए देखा गया. बाद में उसे AIIMS ले जाया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत को आत्महत्या बताया गया है, लेकिन सीबीआई ने चार्जशीट में गंभीर आरोप लगाए हैं.
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अदालत में होगा फैसला
फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है और अदालत में साक्ष्यों के आधार पर अंतिम फैसला होगा. यह केस भोपाल ही नहीं, पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है.
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