Ladakh High Court Bench: केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरा फैसला लिया है. अब लद्दाख के निवासियों को अपने कानूनी मामलों और न्याय के लिए जम्मू या श्रीनगर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की एक स्थायी बेंच लद्दाख में ही स्थापित करने की मंजूरी दे दी है. इस फैसले की जानकारी खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साझा की है.
अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस फैसले की घोषणा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह अहम निर्णय लिया है.
उन्होंने कहा कि लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच बनने से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों को आसानी से और कम समय में न्याय मिल सकेगा. सरकार लद्दाख के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यहां के लोगों को संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
सर्दियों में बंद हो जाते थे रास्ते
साल 2019 में जब लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था, तब दोनों के लिए एक ही संयुक्त हाई कोर्ट रखा गया था, जो मौसम के हिसाब से जम्मू और श्रीनगर से काम करता है.
- बर्फबारी की मार: सर्दियों के दिनों में भारी बर्फबारी के कारण लद्दाख का संपर्क बाहरी दुनिया से कट जाता था. रास्ते बंद होने से लोग समय पर कोर्ट की सुनवाई में नहीं पहुंच पाते थे, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों और परेशानियों का सामना करना पड़ता था.
- समय और पैसों की बचत: अब लद्दाख में ही हाई कोर्ट की बेंच होने से स्थानीय लोगों को आने-जाने के भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिलेगी और समय की भी बचत होगी.
सरकार के इस कदम से लद्दाख की जनता में खुशी और सुकून का माहौल है, क्योंकि इससे न केवल न्याय पाना आसान होगा बल्कि वर्षों पुरानी एक बड़ी व्यावहारिक समस्या का स्थायी हल भी निकल जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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