Bihar Accident: बिहार के दो अलग-अलग जिलों से आई खबरों ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. एक तरफ जहां दरभंगा में गैस सिलेंडर फटने से एक हंसता-खेलता परिवार तबाह हो गया, वहीं दूसरी तरफ नवादा में स्कूल संचालकों की लापरवाही ने एक मासूम बच्ची की जान ले ली और दर्जनों बच्चों को अस्पताल पहुंचा दिया. इन दोनों ही घटनाओं में सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही की बात सामने आ रही है, जिसने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं.
दरभंगा: पल भर में राख हुआ घर
दरभंगा के सुंदरपुर इलाके में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. यहां एक घर में खाना बनाने के दौरान अचानक रसोई गैस सिलेंडर में जोरदार ब्लास्ट हो गया. धमाका इतना भीषण था कि आसपास के लोग दहल गए और जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया.
इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाके के बाद घर से निकलने का मौका ही नहीं मिला और देखते ही देखते सब कुछ जलकर खाक हो गया. पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है कि आखिर ब्लास्ट की मुख्य वजह क्या थी.
नवादा: लापरवाही ने ले ली मासूम की जान
दूसरी तरफ, नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड के कमलापुर रोड पर बच्चों से भरी एक पिकअप वैन अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 20 फीट नीचे जा गिरी. बताया जा रहा है कि गाड़ी इतनी तेज रफ्तार में थी कि वह चार बार पलटते हुए नीचे जा गिरी.
इस हादसे में आरोही कुमारी नाम की एक मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से 25 बच्चे बुरी तरह घायल हो गए हैं. जिस वक्त ये हादसा हुआ, पास के खेतों में ग्रामीण गेहूं की फसल काट रहे थे. चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण तुरंत दौड़े और जान की बाजी लगाकर बच्चों को वाहन से बाहर निकाला.
स्कूल प्रशासन पर भड़के लोग
नवादा हादसे के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जिस वाहन में महज 12 से 15 बच्चों को बैठाने की जगह थी, उसमें स्कूल प्रशासन ने जबरन 20 से 25 बच्चों को ठूस-ठूस कर भर रखा था. ऊपर से ड्राइवर गाड़ी को हवा की रफ्तार से भगा रहा था. लोगों ने ये भी बताया कि हादसे के बाद जब स्कूल संचालक से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा.
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-भारत एक्सप्रेस
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