आज 22 मार्च है, यानी बिहार का जन्मदिन. 1912 में आज ही के दिन बिहार एक स्वतंत्र प्रांत के रूप में अस्तित्व में आया था. इस कास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की जमता को शुभकामनाएं दी. पीएम मोदी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल ने बिहारवासियों को इस खास मौके पर संदेश भेजा.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहारवासियों को ‘परिवारजन’ कहकर संबोधित करते हुए बधाई दी. उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के अपने सभी परिवारजनों को अनेकानेक शुभकामनाएं. भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला हमारा यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए अध्याय गढ़ रहा है.”
बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के अपने सभी परिवारजनों को अनेकानेक शुभकामनाएं। भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला हमारा यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए अध्याय गढ़ने में जुटा है। मुझे विश्वास है कि विकसित बिहार के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यहां के…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 22, 2026
पीएम मोदी ने आगे भरोसा जताया कि ‘विकसित बिहार’ ही ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करेगा और इसमें यहां के मेहनती लोगों का सामर्थ्य सबसे बड़ी ताकत बनेगा.
गांधी मैदान में ‘उन्नत बिहार’ की झलक
राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान आज किसी दुल्हन की तरह सजा हुआ है. नीतीश सरकार की ओर से तीन दिवसीय भव्य समारोह का आयोजन किया गया है. इस बार की थीम ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ रखी गई है. मैदान में राज्य की प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनियां लगाई गई हैं और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महफिल सजने वाली है. बता दें कि बिहार दिवस समारोह मनाने की यह सुंदर परंपरा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही शुरू की थी, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जुड़ सके.
सीएम नीतीश और राज्यपाल का संदेश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के शानदार इतिहास को याद करते हुए प्रदेशवासियों से अपील की है कि आइए मिलकर राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं. उन्होंने कहा कि बिहार का वर्तमान अपने दृढ़ संकल्प के साथ उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा है.
वहीं, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने भी दुनिया भर में फैले बिहारियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि हमें बिहार के गौरव को अक्षुण्ण रखना है और देश के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना है. राज्यपाल ने राज्य की सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक महत्व पर जोर देते हुए लोगों से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया.
क्यों खास है यह दिन?
बिहार दिवस सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि यह याद दिलाने का दिन है कि हम उस मिट्टी से आते हैं जिसने दुनिया को लोकतंत्र का पहला पाठ पढ़ाया और नालंदा जैसे ज्ञान के केंद्र दिए. आज जब बिहार बुनियादी ढांचे, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में कदम बढ़ा रहा है, तो ये संदेश राज्य के युवाओं में नया जोश भरने का काम करते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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