चिराग की मां से मिलने क्यों पहुंचे नित्यानंद राय?
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीटों के बंटवारे का मसला अभी भी हाई-वोल्टेज सस्पेंस बना हुआ है. इसी गहमागहमी के बीच, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता नित्यानंद राय (Nityanand Rai Meets) अचानक लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) के आवास पर पहुंच गए. हालांकि, नित्यानंद राय ने बाहर निकलकर इस मुलाकात को ‘अभिभावक का आशीर्वाद’ लेने तक सीमित बताया और चिराग पासवान की नाराजगी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, लेकिन इस ‘अचानक’ हुई मुलाकात ने कई सियासी सवाल खड़े कर दिए हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए में सीट शेयरिंग (Bihar Election NDA Seat Sharing) का पेंच फंसा हुआ है. इस बीच, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय चिराग पासवान के घर पहुंचे, लेकिन चिराग पासवान वहां नहीं थे. नित्यानंद राय ने चिराग पासवान की मां रीना पासवान से मुलाकात की. हालांकि, उन्होंने इसे महज औपचारिक भेंट बताया है.
‘आशीर्वाद लेने आया था’ (Nityanand Rai Meets Reena Paswan)
बिहार बीजेपी के बड़े नेता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय गुरुवार को नई दिल्ली स्थित चिराग पासवान के आवास पर उनकी मां से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि वह चिराग पासवान की मां से मिलने आए थे. सियासी सवालों का जवाब देते हुए राय ने कहा कि वह हमारी भी अभिभावक है और चिरागजी की भी अभिभावक हैं. उनकी मां हम दोनों के लिए आदरणीय हैं. मैं उनसे मिलकर केवल उनका आशीर्वाद लेने आया था.
मुलाकात पर कई सवाल (Big Question For Bihar Election 2025)
गुरुवार को नित्यानंद चिराग पासवान के आवास पर पहुंचे थे. उस समय वह कुछ समय रुककर मंत्रालय का कुछ काम होने की बात कहकर चले गए थे. उसके बाद वह दोबारा पहुंचे. हालांकि, उस समय चिराग घर पर नहीं थे. ऐसे में नित्यानंद राय दोबारा चिराग पासवान की मां का नाम रीना पासवान का आशिर्वाद लेकर चले गए. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या नित्यानंद राय बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे थे. दूसरा सवाल यह है कि क्या नित्यानंद राय चिराग का मांग को शीट शेयरिंग के लिए मनाना चाह रहे हैं.
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संयोग या सोची-समझी रणनीति
नित्यानंद राय की यह अचानक यात्रा और उनका चिराग की मां रीना पासवान से मिलना साफ तौर पर एनडीए के दबाव को कम करने और सीट शेयरिंग के मुद्दे पर सुलह करने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है. हालांकि बीजेपी नेता ने नाराजगी की बात को खारिज कर दिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 22 सीटों के ऑफर से चिराग पासवान संतुष्ट नहीं हैं और वह ज्यादा सीटों के लिए गठबंधन पर दबाव बना रहे हैं. सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि नित्यानंद राय का चिराग पासवान के घर पहुंचना संयोग था या चुनाव (Bihar Assembly Elections 2025) के लिए सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था?
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